उज्जैन-जावरा फोरलेन का बदल सकता है मार्ग… सर्वे के बाद होगा जमीन अधिग्रहण

उज्जैन-जावरा फोरलेन के सर्वे का काम लगभग पूरा हो गया है। इलेक्ट्रानिक सर्वे चल रहा है। इसमें नक्शे के अनुसार मार्ग अभी भी बदल सकता है। यह भी 15 दिन में पूरा हो जाएगा। इतना सब होने के बाद भी जमीन के सौदा करने वाले व्यापारियों के अभी भी समझ में नहीं आ रहा है कि फोरलेन किधर से निकलेगा।उज्जैन-जावरा पर ट्रैफिक अधिक बढ़ने के कारण फोरलेन मार्ग की आवश्यकता हो गई है। गांव भूतेड़ा से मुंबई, दिल्ली का सिक्सलेन रोड मिल रहा है। राजस्थान के कई धार्मिक स्थल भी इस रोड से जुड़े हुए हैं, इसको देखते हुए सांसद अनिल फिरोजिया ने फोरलेन बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडगरी से मांग की थी। उन्होंने स्वीकृति भी दे दी थी।

अधिकारियों ने तैयार किया नक्शा

डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शहर में आए, सांसद की मांग पर उन्होंने फोरलेन बनाने की घोषणा कर कहा कि वह स्वयं आकर इसका भूमिपूजन करेंगे। इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने उज्जैन, पासलोद, उन्हेल रेलवे स्टेशन के समीप से गांव झिरन्या, भाटीसुड़ा, भीकमपुर, गुड़ावन होते हुए फर्नाजी से निकालने का नक्शा तैयार किया है।

सिंहस्थ के पहले बनाना है फोरलेन

इसका सर्वे भी करा कर भोपाल विभाग ने स्वीकृति के लिए भेजा था। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इलेक्ट्रानिक सर्वे प्रांरभ हो गया है। लगभग 15-20 दिन में सर्वे पूरा होते ही विभाग द्वारा भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी। वैसे तो 2028 के सिंहस्थ के पूर्व फोरलेन का कार्य पूरा करना है।

अधिकारियों का दावा है कि इसके पूर्व ही फोरलेन का कार्य पूरा कर दिया जाएगा। यह मार्ग बनने के बाद इंदौर से राजस्थान के लिए भूतेड़ा से निकली सिक्सलेन तक पहुंचने के लिए भी सुविधा हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रानिक सर्वे पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि फोरलेन किधर से निकलेगा। अभी भी मार्ग बदलने की संभावना से अधिकारी मना नहीं कर रहे हैं।

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