एल्विश पर ED ने लखनऊ में दर्ज की FIR:मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस; सांप के जहर मामले में 5 दिन जेल में रहा यूट्यूबर

यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत लखनऊ में केस दर्ज किया है। ED को एल्विश के पास कई लग्जरी कारों का काफिला होने की जानकारी मिली है। सांप के जहर से जुड़े मामलों में भी बड़ी रकम के लेनदेन का पता चला है। ED सूत्रों के मुताबिक, इन तथ्यों और नोएडा में दर्ज FIR को आधार बनाते हुए केस दर्ज किया गया है।

ED एल्विश को समन भेजकर इस मामले में जल्द उनसे पूछताछ कर सकती है। बिग बॉस OTT-2 विनर एल्विश को सांप के जहर से जुड़े मामले में नोएडा पुलिस ने इसी साल 17 मार्च को गिरफ्तार किया था। 5 दिन जेल में रहने के बाद वह अभी जमानत पर बाहर है।

सूत्रों के मुताबिक, ​​​​​​दिल्ली में ED मुख्यालय के निर्देश पर लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय ने केस दर्ज करके जांच शुरू की है।

पार्टी में सांप के जहर के इस्तेमाल का आरोप
भाजपा सांसद मेनका गांधी की संस्था पीपल्स फॉर एनिमल्स के अधिकारी गौरव गुप्ता ने एल्विश समेत 6 लोगों के खिलाफ नोएडा सेक्टर-49 थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। 2 नवंबर 2023 को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में यह केस दर्ज हुआ। पुलिस ने 4 सपेरों समेत 5 लोगों को उसी दिन गिरफ्तार किया था।

इनके पास पुलिस को सांप का जहर (वेनम) भी मिला था। इसे जांच के लिए लैब भेजा गया। जांच के बाद करीब 5 महीने बाद नोएडा पुलिस ने एल्विश को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल की
नोएडा पुलिस ने इस मामले में 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल की। इसमें 24 गवाहों के बयान शामिल किए गए। पुलिस ने दावा किया कि एल्विश का सपेरों से संपर्क था। मुंबई स्थित डिपॉर्टमेंट ऑफ फॉरेसिंक मेडिसिन टॉक्सिकोलॉजी के विशेषज्ञ की सलाह भी शामिल की गई।

डीसीपी विद्या सागर मिश्रा ने बताया एल्विश के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के आधार पर साक्ष्य दिए गए। चार्जशीट में एल्विश के सोशल मीडिया अकाउंट की कॉल डिटेल के बारे में विस्तार से बताया गया। कोबरा समेत 9 सांप और 20 एमएल जहर की रिपोर्ट को भी चार्जशीट में शामिल किया गया। FIR कराने वाली संस्था के स्टिंग आडियो को भी शामिल किया गया।

लग्जरी गाड़ियों का काफिला रखता है एल्विश
ईडी सूत्रों के मुताबिक, पुलिस जांच के आधार पर यह पता चला कि सांपों का जहर नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम के होटल और फार्म हाउस में होने वाली रेव पार्टियों में उपलब्ध कराया जाता था। इसमें बड़ी रकम के लेनदेन का शक है। ED अफसर इन फार्म हाउस संचालकों को तलब करके पूछताछ कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button