कैद सैनिकों को आज छोड़ेंगे यूक्रेन और रूस:एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करेंगे

यूक्रेन जंग में सीजफायर को लेकर राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच मंगलवार को फोन पर 90 मिनट बातचीत हुई। यह बातचीत भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू हुई थी।

NYT के मुताबिक पुतिन 30 दिनों तक यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करने के लिए राजी हो गए हैं, बशर्ते यूक्रेन भी रूस के एनर्जी ठिकानों पर हमला नहीं करेगा।

हालांकि, यूक्रेनी शहरों और सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रह सकते हैं। इसके साथ ही 19 मार्च यानी आज रूस और यूक्रेन 175-175 सैनिकों की अदला बदली करेंगे।

रूस की मांग है कि 30 दिनों के सीजफायर के दौरान यूक्रेन में सेनाओं की गतिविधि बंद रहे। इसके साथ ही ब्लैक-सी में जहाजों की सिक्योरिटी के मुद्दे पर बातचीत शुरू होगी।

ट्रम्प बोले- पुतिन से बात करने का अच्छा मौका

एक दिन पहले यानी सोमवार को ट्रम्प ने मीडिया से कहा कि हम यह हम देखना चाहते हैं कि क्या हम उस युद्ध को समाप्त कर सकते हैं। हो सकता है कि हम कर सकें, हो सकता है कि हम न कर सकें, लेकिन मुझे लगता है कि हमारे पास राष्ट्रपति पुतिन से बात करने का अच्छा मौका है।

व्हाइट हाउस का मानना ​​है कि शांति एक अच्छा विकल्प है, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को इस बात पर यकीन नहीं है कि पुतिन सीजफायर को लेकर गंभीर हैं।

रूस बोला- नाटो वादा करे कि यूक्रेन को मेंबरशिप नहीं देगा

यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की 30 दिन के सीजफायर प्रस्ताव पर सहमत हैं। रूस ने भी सैद्धांतिक तौर पर सहमति जताई है। हालांकि रूसी उप विदेश मंत्री अलेक्जेंडर ग्रुश्को का कहना है कि हमें इस बात की ठोस गारंटी मिलनी चाहिए कि यूक्रेन न्यूट्रल पोजिशन में रहेगा, नाटो देशों को यह वादा करना होगा कि वो यूक्रेन को मेंबरशिप नहीं देंगे

यूक्रेन 30 दिन के सीजफायर के लिए तैयार

पिछले मंगलवार यानी 11 मार्च को सऊदी अरब में अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी। इस बैठक में यूक्रेन ने 30 दिन के सीजफायर पर सहमति जताई है। हालांकि तब रूस ने किसी भी अस्थाई सीजफायर से इनकार किया था।

रूस ने पश्चिमी देशों से एक व्यापक सुरक्षा समझौते की मांग की है। इसमें यूक्रेन को NATO में शामिल नहीं करने की गारंटी भी शामिल है। दिसंबर में पुतिन ने कहा था कि “हमें सीजफायर की नहीं शांति की आवश्यकता है। रूस और उसके नागरिकों को सुरक्षा गारंटी के साथ शांति चाहिए।”

यूक्रेन का 20% हिस्सा रूस के कंट्रोल में

रूस बीते तीन साल में यूक्रेन का लगभग 20% हिस्सा हथिया चुका है। राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन के चार पूर्वी प्रांत डोनेट्स्क, लुहांस्क, जापोरिज्जिया और खेरसॉन को रूस में शामिल कर चुके हैं। जबकि रूस के कुर्स्क इलाके में दोनों सेनाओं में संघर्ष जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button