जीआईएस में तीन एक्सपो बनेंगे निवेशकों के आकर्षण का केंद्र

भोपाल के ढाई सौ एकड़ में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को आकर्षक बनाने के लिए सरकार तीन बड़े एक्सपो भी आयोजित करने जा रही है। ये तीनों एक्सपो नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं।
साथ ही भोपाल और आस-पास के इलाकों में बढ़ने वाली इंडस्ट्रीज को भी ध्यान में रखा गया है। इनमें सबसे आकर्षक मोबिलिटी एक्सपो होगा, जिसमें शामिल होने वाली सुपर कार और सुपरबाइक्स युवाओं को आकर्षित करेंगी।
इसके साथ ही बिजनेस सेक्टर और मध्यमवर्ग की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए टेक्सटाइल और गारमेंट एक्सपो भी लगाया जाएगा। सरकार ने प्रदेश के हर जिले में खास पहचान रखने वाले वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (एक जिला एक उत्पाद) को भी एक्सपो का हिस्सा बनाने का फैसला लिया है।
एमपी मोबिलिटी एक्सपो 2025
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के दौरान एमपी मोबिलिटी एक्सपो के जरिए प्रदेश की ऑटोमोटिव सेक्टर में हुई प्रगति को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके जरिए मध्य प्रदेश को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और भविष्य के परिवहन के लिए एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।
प्रदेश ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहन के क्षेत्र में देश में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। यहां 30 से अधिक मूल उपकरण निर्माताओं के साथ अगली पीढ़ी की मोबिलिटी को ध्यान में रखकर काम हो रहा है।
कई कंपनियां अपनी ईवी सुविधाओं की स्थापना में तेजी ला रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर यह बदलाव मध्य प्रदेश की पर्यावरण अनुकूल परिवहन नीति को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की रणनीति का हिस्सा है। 200 से अधिक ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं के साथ राज्य ऑटोमोटिव उद्योग की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए तैयार है।
भारत के डेट्राइट के नाम से प्रसिद्ध प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर कई मूल उपकरण निर्माताओं और एशिया के सबसे बड़े नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स का घर है। यह ट्रैक्स ऑटोमोटिव और ऑटो कंपोनेंट उद्योगों के लिए परीक्षण और मूल्यांकन, अनुसंधान एवं विकास और प्रमाणन की मॉडर्न सुविधाएं प्रदान करता है।
एमपी मोबिलिटी एक्सपो की विशेषताएं
- वाहन निर्माताओं, प्रौद्योगिकी इनोवेशन, निवेशकों और नीति निर्माताओं सहित प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाएगा।
- ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए सरकार सब्सिडी का लाभ देकर भी इसे प्रमोट कर रही है।
- सुपर कार और सुपरबाइक प्रदर्शनी: हाई परफॉर्मेंस वाली सुपर कारों और सुपरबाइक्स की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो ऑटोमोबाइल उत्साही लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।
- बी2बी नेटवर्किंग और निवेश के अवसर: व्यवसायियों को मध्य प्रदेश के तेजी से बढ़ते ऑटोमोटिव क्षेत्र में सहयोग और निवेश के अवसर प्रदान करेगा।
एक्सपो में ये ऑटोमोबाइल कंपनियां होंगी शामिल
- ब्रिजस्टोन
- ज़ेडएफ स्टीयरिंग
- बडवे इंजीनियरिंग
- मदरसन सुमी
- गैब्रियल पिस्टल देवास
- आनंद इंडस्ट्रीज
- झालानी इंजीनियर्स
- एस.डी. एक्सल्स प्राइवेट लिमिटेड
- जगतजीत इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड
- टैफे मोटर्स एंड ट्रैक्टर्स लिमिटेड
- वीई कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड
- पिनेकल इंडस्ट्रीज
टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर एक्सपो
जीआईएस स्थल पर कपड़ा और परिधान उद्योग (टेक्सटाइल और गारमेंट्स) के लिए एक्सपो भी आयोजित होगा। मध्य प्रदेश कपड़ा और परिधान उद्योग के क्षेत्र में एक हब के रूप में उभर रहा है। यहां कच्चे माल की पर्याप्त आपूर्ति, मजबूत बुनियादी ढांचा और सहायक सरकारी नीतियां इस क्षेत्र में निवेश के अवसर बढ़ा रही हैं।
एमपी में क्यों है टेक्सटाइल और गारमेंट की संभावनाएं
- मध्यप्रदेश कपास उत्पादन के क्षेत्र में भारत में छठे स्थान पर है।
- एमपी स्टेट सूती धागे, कपड़े और रेडीमेड कपड़ों के निर्यात के लिए जाना जाता है।
- धार जिले में बड़े पैमाने पर पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्र) पार्क बनाया जा रहा है।
- भारत का 43% और दुनिया का 24% जैविक कपास उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है।
- प्रदेश में समृद्ध संसाधन आधार और मजबूत कताई (स्पिनिंग) क्षमता की उपलब्धता है।
- कपड़ा और परिधान क्षेत्र में कई प्रमुख निर्यातकों के लिए मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण स्थान है। राज्य विशेष रूप से परिधान, कताई और होजरी उत्पादों के निर्यातकों का गढ़ है।
- प्रदेश चंदेरी, महेश्वरी और हाथ से छपे कपड़ों जैसे पारंपरिक वस्त्रों के लिए प्रसिद्ध है।
- राज्य में सालाना 200 मीट्रिक टन के साथ मजबूत रेशम उत्पादन होता है।
इसलिए भी महत्वपूर्ण है इसका प्रमोशन
- मध्यप्रदेश भारत के सबसे बड़े कपास उत्पादक राज्यों में से एक है। यहां साल 2023-2024 में लगभग 18.01 लाख गांठ का उत्पादन हुआ।
- मध्यप्रदेश कपास, रेशम और मानव निर्मित रेशों जैसे कच्चे माल तक आसान पहुंच है।
- भारत फाइबर और यार्न के उत्पादन में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ा बाजार है। भारत जूट और कपास का सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
- भारत साल 2030 तक 250 बिलियन अमरीकी डॉलर का कपड़ा उत्पादन हासिल करने के लिए तैयार है।
- भारत दुनिया में कपास का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है।
- भारत कपड़ा और परिधान के वैश्विक व्यापार में 4% हिस्सेदारी रखता है।
- भारत पूरी दुनिया में टेक्निकल टेक्सटाइल्स का 5वां सबसे बड़ा उत्पादक है।
एक जिला एक उत्पाद (ODOP) की ब्रांडिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर एमपी सरकार पिछले पांच वर्षों से एक जिला एक उत्पाद योजना की प्लानिंग और ब्रांडिंग कर रही है। इस जीआईएस में इन ओडीओपी की ब्रांडिंग भी की जाएगी। इसके माध्यम से निवेशकों को प्रदेश के जिलों में निवेश की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।





