तहसीलों में नहीं सुलझ रहे मामले, बेबस जनता को जनसुनवाई में समाधान की आस

भोपाल। शहर के थाना और तहसीलों में लोगों के विवाद नहीं सुलझ पा रहे हैं। यही कारण है कि अब कलेक्टर जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आवेदक सीमांकन, नामांतरण, प्रताड़ना के प्रकरण लेकर पहुंच रहे हैं। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को हुई जनसुनवाई के दौरान 134 आवेदकों ने अपनी समस्याएं एडीएम, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर को सुनाई। जहां अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी समस्या का जल्द से जल्द निराकरण कर दिया जाएगा, जबकि कुछ मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया है।
तीन वर्ष से अटका फौती नामांतरण का मामला
बैरसिया तहसील के शेरपुरा निवासी आरिफ अली ने बताया कि वह किसान है और उनके पिता के नाम पर शस्त्र लाइसेंस था। उनके पिता का निधन कोरोना में हो गया था। इसके बाद उन्होंने फौती नामांतरण के लिए आवेदन किया था। वह अब तक बार-बार आवेदन दे चुके हैं लेकिन तीन वर्ष छह माह बाद भी उनका प्रकरण लंबित है। जबकि पूर्व कलेक्टर द्वारा आदेश तक दे दिया गया था। इसी तरह हुजूर तहसील के ग्राम नीलबड़ निवासी राधाबाई ने बताया कि उन्होंने जमीन के सीमांकन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद हुजूर तहसीलदार द्वारा आदेश तक दे दिए गए हैं, लेकिन दो वर्ष बाद भी सीमांकन नहीं किया गया है। जबकि उन्होंने 10 हजार रुपये भी स्टेशन मशीन के जमा कर दिए थे।





