दिल्ली से लौटने के बाद लोकतंत्र सेनानी संघ के मांगपत्र पर मुख्यमंत्री करेंगे सुविधाओं का ऐलान

प्रदेश के 750 मीसाबंदी और उनके परिजन आज सीएम हाउस में जुटेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन मीसाबंदियों को संबोधित करेंगे। इनके सम्मान में दोपहर भोज देंगे। लोकतंत्र सेनानी (मीसाबंदी) संघ की ओर से मीसाबंदियों के हितों को लेकर सीएम यादव को मांगपत्र सौंपा जाएगा। मुख्यमंत्री मीसाबंदियों की सुविधा के लिए घोषणा भी कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री आज दिल्ली में हैं। वे दोपहर बाद दिल्ली से भोपाल आएंगे। इसके बाद लोकतंत्र सेनानी संघ के कार्यक्रम में शामिल होकर लोकतंत्र सेनानी सुरेश का सम्मान करेंगे। प्रदेश भर के लोकतंत्र सेनानियों को इस कार्यक्रम में बुलाया गया है। लोकतंत्र सेनानी संघ के संतोष शर्मा और तपन भौमिक ने बताया कि मीसाबंंदियों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को एक मांगपत्र सौंपा जाएगा जिसमें मुख्यमंत्री से उसके निराकरण के लिए आग्रह किया जाएगा।
संविधान की प्रति लेकर नारा लगाने वालों की पार्टी ने लगाई थी इमरजेंसी
पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा- लोकसभा में कल विपक्ष संविधान की प्रति लेकर लोकतंत्र बचाने का संविधान बचाने का नारा लगा रहे थे। उन्होंने इमरजेंसी लगाकर कांग्रेस और इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या की थी। जिन लोगों ने कारसेवकों पर गोलियां चलाई हैं वो संविधान की बात करते हैं।
सीएम डॉ. मोहन बोले- आपातकाल लोकतंत्र पर धब्बा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “आपातकाल का दौर लोकतंत्र पर बहुत बड़ा धब्बा है। ये ऐसा समय है जिसे देश आज भी याद करके सिहर उठता है। कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए। आपातकाल में कई परिवार तबाह हो गए। भाजपा ने संविधान की रक्षा को अपनी निष्ठा माना है। भाजपा के सारे नेता जेल गए। लोकतंत्र के उस काले कार्यकाल के लिए ये सारे के सारे लोग जवाबदार हैं जो आज नकली संविधान लेकर एक तरह से आडंबर रच रहे हैं।”
प्रदेश सरकार दे रही श्रद्धानिधि
एमपी में लगभग 750 मीसाबंदी हैं। मीसाबंदियों के परिवार यानी पत्नी को मिलाकर करीब 1700 लोग हैं।
इन सबको मप्र सरकार की तरफ से जयप्रकाश नारायण श्रद्धानिधि 30 हजार रुपए दिए जाते हैं। अगर वो दिवंगत हो गए हैं तो उनकी पत्नी को 15 हजार रुपए दिए जाते हैं।





