नवीन कानूनों और नवीन तकनीक का उपयोग करें : मुख्य न्यायाधिपति सिन्हा

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के द्वारा राज्य न्यायिक एकेडमी के सहयोग से छत्तीसगढ़ राज्य के 23 जिलों में स्थापित लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम में नियुक्त चीफ, डिप्टी एवं असिस्टेंट लीगल एड डिफेस कौंसिलों हेतु  23 जून से आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के अंतिम दिवस हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति व छग राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने प्रशिक्षण स्थल छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी पहुंचकर वहां की गतिविधियों का औचक निरीक्षण किया।

न्यायमूर्ति सिन्हा ने कौंसिलों के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण कार्यकम का पूर्ण लाभ प्राप्त करते हुए अपने-अपने स्थानों पर अच्छे से कार्य करें एवं अपने विधिक कौशल को विकसित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि नवीन कानूनों एवं नवीन विकसित तकनीकों के माध्यम से विधि की अद्यतन जानकारी रखें। उन्होनें कहा कि उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान् यदि कोई मामला उनके समक्ष आए जिसमें डिफेंस कौंसिल ने अपने पक्षकार के मामले में गुणवत्ता से प्रतिपरीक्षण किया हो तो उन्हें खुशी होगी। सीजे सिन्हा ने डिफेंस कौंसिलों को अपने पक्षकार से निरंतर सम्पर्क में रहकर उनकी विश्वसनीयता बनाए रखने, पीड़ित पक्ष का ध्यान रखने और पाक्सो एक्ट के दिशा निर्देशों का पालन करने का मार्गदर्शन दिया। मुख्य न्यायाधिपति अचानक प्रशिक्षण स्थल में प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देने से प्रशिक्षण कार्यकम उत्साही व प्रेरणादायी हो गया। उन्होनें प्रशिक्षार्थी डिफेंस कौंसिलों को उनके कार्यों के लिए प्रोत्साहित करते हुए शुभकामनाएं दी।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशानुसार राज्य में स्थापित लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम में नियुक्त चीफ, डिप्टी चीफ एवं असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस कौंसिलों का तीन दिवसीय एडवांस ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन 23 से 25 जून तक राज्य न्यायिक एकेडमी में किया गया था। इस प्रशिक्षण में चीफ 23, डिप्टी चीफ 32 एवं असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस कौंसिल 50 इस प्रकार कुल 105 कौंसिलगण प्रतिभागी के रूप में उपस्थित रहे।

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