निजी अस्पताल में भीड़ का हंगामा, तोड़फोड़, डॉक्टर व अन्य स्टाफ ने खुद को कमरे में बंद कर बचाई जान

भोपाल। गोविंदपुरा के भारती निकेतन के पास पौने आठ बजे के करीब एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार विकास नगर निवासी 20 वर्षीय मोनू उर्फ राकेश चौधरी बुरी तरह घायल हो गया। स्वजन व अन्य लोग उसे गौतम नगर में स्थित सिटी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। इससे युवक को लेकर आए लोग आक्रोशित हो गए और युवक के इलाज में देरी का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा, तोड़फोड़ कर दी। अस्पताल के डॉक्टर समेत स्टाफ ने कमरे में अपने आप को बंद कर जान बचाई।

इस कारण गुस्साए लोग

इस दौरान अस्पताल के संचालक के रिश्तेदार ने भीड़ को रोकने के लिए उन पर रिवॉल्वर भी तान दी। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि युवक को घायल होने के बाद उसे भर्ती करने से पहले उसके स्वजनों से फीस मांगी, इस कारण से इलाज में देरी से मौत हो गई।

परिवार में इकलौता बेटा था मृतक

जानकारी के मुताबिक भारती निकेतन के पीछे रहने वाला मोनू चौधरी कालेज में पढ़ता था और एक डीबी माल में काम भी करता था। वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था। रात में वह अपने घर जा रहा था। जैसे ही मोनू ने सड़क से भारती निकेतन जाने के लिए चौराहे से बाइक मोड़ी, उसी समय सुभाष नगर विश्राम घाट की तरफ एक तेज रफ्तार कार आ रही थी, उसने बाइक पर सवार मोनू चौधरी को सामने से टक्कर मार दी।

कार में चार स्कूली छात्र सवार थे

कार की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कार की टक्कर से उसके एयरबैग खुल गए और बाइक सवार हवा में उछलते हुए दस फीट दूर जाकर सड़क किनारे डिवाइडर पर गिरा। कार में लड़की समेत चार नाबालिग स्कूली छात्र सवार थे। उन्होंने ने भागने की कोशिश की, लेकिन कार के नीचे बाइक के फंसने के कारण वह भागने में कामयाब नहीं हो पाए। लोगों ने एक लड़के को पकड़कर पुलिस को सौंपा है।

हादसे के बाद आसपास के लोग मोनू को गौतम नगर के सिटी अस्पताल लेकर पहुंचे थे, अस्पताल ने उसे भर्ती नहीं किया था। गोविंदपुरा टीआई अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि बाइक सवार को टक्कर मारने वाली कार में एक लड़का मिला है। वह स्कूली छात्र है। उससे पूछताछ की जा रही है।

भीड़ ने अस्पताल पर बोला धावा

इधर, मृतक मोनू चौधरी के शव को उसके स्वजन द्वारा हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में रखवाने के बाद भारी संख्या में लोग सिटी अस्पताल पहुंचे। करीब सौ लोगों की भीड़ ने अस्पताल में घुसकर जमकर हंगामा किया। इससे अस्पताल में मौजूद डॉक्टर व अन्य स्टाफ घबरा गया और उन्होंने अपने आप को कमरे में बंद कर अपनी जान बचाई। अस्पताल संचालक के रिश्तेदार ने भीड़ को रोकने के लिए रिवॉल्वर भी तान दी। यह देखकर भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर जमकर बवाल काटा। इधर, सूचना मिलते ही गोविंदपुरा समेत आसपास का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को संभाला।

इनका कहना है

युवक की मौत मौके पर हो चुकी थी। उसे भर्ती नहीं किया जा सकता था। उसे अस्पताल के अंदर भी नहीं लाया जा सकता था। अस्पताल पर जानबूझकर हमला कर तोड़फोड़ की गई। दौ सौ लोगों की भीड़ ने अस्पताल की लाइट बंद की। मेन स्विच ऑफ किया और तोड़फोड़ की। हमारे स्टाफ ने कैसे अपनी जान बचाई है, हम ही जानते हैं।

-डॉ. सव्यसाची गुप्ता, सिटी अस्पताल के संचालक

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