नीरज पांडे के साथ काम करना चाहती थीं तब्बू:अजय देवगन के साथ काम करने पर बोलीं- एक्टर इतने सालों में बिल्कुल नहीं बदले

अजय देवगन और तब्बू एक बार फिर फिल्म ‘औरों में कहां दम था’ में एक साथ नजर आने वाले हैं। नीरज पांडे के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में अजय देवगन और तब्बू के अलावा जिमी शेरगिल, शांतनु माहेश्वरी, सई मांजरेकर दिखाई देंगे। यह फिल्म 5 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हाल ही में इस फिल्म को लेकर तब्बू और नीरज पांडे  से खास बातचीत की।

तब्बू जी, हर फिल्मों में अपनी एक अलग छाप कैसे छोड़ती हैं?
कोई भी किरदार दर्शकों पर कितना अच्छा असर डाल रहा है, ये केवल हमारी कोशिश करने से नहीं होता है। कई बार किरदार ही इतना अलग होता है कि वो आपका सिग्नेचर बन जाता है। इसके अलावा मेरे लिए ये जरूरी होता है कि फिल्म कौन बना रहा है ? नीरज पांडे के साथ मेरा काम करने का मन बहुत पहले से था। बहुत लोग मुझसे कहते थे कि नीरज पांडे के साथ काम करो। मैं कहती थी कि एक दिन जरूर उनके साथ काम करुंगी।

‘औरों में कहां दम था’ करने में सबसे ज्यादा एक्साइटमेंट किस बात की थी?
सबसे पहले तो मुझे इस फिल्म की स्क्रिप्ट बहुत ज्यादा पसंद आई थी। क्योंकि नीरज पांडे की फिल्मों में बहुत अलग तरह का लव एंगल होता है। इस फिल्म में नीरज, अजय और मैं हूं, तो इससे ज्यादा एक्साइटमेंट और क्या होगा? यह फिल्म करने के लिए इतना सब होना काफी था, क्योंकि मैं जानती थी कि जो होगा अच्छा होगा।

नीरज जी, आपको बतौर एक्टर तब्बू के अंदर क्या खास बात लगी?
इनमें बहुत क्षमता है ,जो अभी दर्शकों के सामने पूरी तरह से नहीं आई है। इनका बेस्ट पार्ट ये है कि किसी प्रोजेक्ट से जुड़ती हैं तो उसे पूरी तरह से अपना लेती हैं। तब्बू केवल अपने कैरेक्टर को नहीं समझती हैं, वो पूरी फिल्म को समझकर उसे अपना लेती हैं।

तब्बू जी,क्या अजय देवगन के साथ दोस्ती होने से स्क्रीन पर काम ज्यादा अच्छा होता है?
इस बात को मैं यकीन के साथ नहीं कह सकती हूं। अब क्योंकि हम दोस्त हैं, तो मैं ये नहीं बता सकती कि दोस्ती न होती तो हमारी केमिस्ट्री स्क्रीन पर कैसी दिखाई देती। उनके साथ काम करने में अच्छा लगता है। वे इतने सालों में बिल्कुल भी नहीं बदले हैं। वे सेट पर सभी के साथ बहुत प्रैंक करते हैं। हालांकि, उन्होंने मेरे साथ कभी नहीं किया, क्योंकि मैं तुरंत पकड़ लेती हूं।

तब्बू जी, इस फिल्म में आप बासु का किरदार निभा रही हैं, सबसे ज्यादा क्या पसंद आया?
मुझे बासु के कैरेक्टर में सबसे ज्यादा उसकी खामोशी पसंद है। बासु कहीं न कहीं मेरे असल कैरेक्टर से मिलती-जुलती है। मैं बहुत कम एक्सप्रेसिव हूं, जल्दी लोगों से घुल-मिल नहीं पाती हूं।

नीरज जी आप ओटीटी और सिनेमा दोनों से जुड़े हैं, OTT के आने से सिनेमा में कितना बदलाव आया और इससे दर्शक कितना जुड़े हैं?
OTT के आने से दर्शकों के पास ऑप्शन ज्यादा हो गए हैं। ये फिल्ममेकर्स के लिए थोड़ा चैलेंजिंग भी हो गया है। मेकर्स को अपने सोचने का दायरा बढ़ाना पड़ेगा।

अजय के साथ ‘दृश्यम 3’ की शूटिंग कब तक शुरू होगी?
फिलहाल ‘दृश्यम 3’ के बारे में कोई बात नहीं चल रही है। जब कुछ होगा तो सभी को पता चल जाएगा। बता दें, ‘दृश्यम’ 2015 में रिलीज हुई थी। इसके बाद ‘दृश्यम 2’ 2022 में आई थी। अब दर्शकों को ‘दृश्यम 3’ का इंतजार है।

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