पश्चिमी देशों के दबाव में रूस से नहीं लेते तेल तो पिछले वर्ष भारत को होता 8 अरब डॉलर का नुकसान

नई दिल्ली: भारत रूसी कच्चे तेल (Crude Oil) का सबसे बड़ा खरीदार रहा है। भारत ने रूस के साथ लंबे समय के लिए तेल खरीद का समझौता किया हुआ है। इन समझौतों में भारत की कई तेल कंपनियां शामिल हैं। भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद रूस के साथ अच्छे रिश्ते रखे हैं और द्विपक्षीय व्यापार भी ऊंचाईयों पर है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में बेतहाशा बढ़ोतरी की है। वहीं भारत ने अमेरिका को साफ तौर पर बता दिया था कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जरूरत के हिसाब से किसी भी देश से तेल की खरीदारी कर सकता है। भारत ने पश्चिमी देशों के दबाव में न आकर अच्छा मुनाफा कमाया है। अगर भारत पश्चिमी देशों के दबाव में आकर रूस से तेल नहीं खरीदता तो उसे पिछले वर्ष करीब 8 अरब डॉलर का नुकसान हो गया होता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button