पीटी उषा बोलीं- वजन का मैनेजमेंट ख‍िलाड़ी-कोच की जिम्मेदारी:मेडिकल टीम दोषी नहीं

भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने विनेश फोगाट ओवरवेट मामले में रविवार को बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘वजन का मैनेजमेंट करने की जिम्मेदारी खिलाड़ी और उसके कोच की होती है। इसके लिए मेडिकल टीम को दोषी ठहराना ठीक नहीं है। खासकर कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, मुक्केबाजी और जूडो जैसे खेलों में।’

पीटी उषा ने आगे कहा, ‘IOA मेडिकल टीम, खास तौर पर डॉ. पारदीवाला के प्रति जो नफरत भरी टिप्पणियां की जा रही हैं, वह अस्वीकार्य है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि IOA मेडिकल टीम पर आरोप लगाने वाले लोग किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों पर विचार करेंगे।

IOA द्वारा नियुक्त चीफ मेड‍िकल ऑफ‍िसर डॉ. दिनशॉ पारदीवाला और उनकी टीम मुख्य रूप से एथलीटों के इवेंट दौरान और बाद में उनकी रिकवरी और इंजरी मैनेजमेंट में सहायता कर रही थी। इस टीम को उन एथलीटों की सहायता के लिए भी बनाया गया था, जिनके पास न्यूट्रिशनिस्ट और फिजियोथेरेपिस्ट की अपनी टीम नहीं थी।

विनेश को अयोग्य घोषित कर दिया गया था 50 किलोग्राम वर्ग कुश्ती के फाइनल मैच से पहले विनेश को 100 ग्राम ज्यादा वजन होने के चलते अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जबकि शुरुआती दौर से पहले किए गए वजन में विनेश 50 kg वेट कैटेगरी की तय सीमा से कम थीं। ऐसे में विनेश ने जॉइंट सिल्वर मेडल की मांग की है। इस मामले में IOA द्वारा नियुक्त मेडिकल टीम पर भी सवाल उठ रहे थे।

CAS कोर्ट 13 अगस्त को फैसला सुनाएगा
विनेश फोगाट के सिल्वर मेडल पर फैसला अब 13 अगस्त को आएगा। यह जानकारी शनिवार को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS) ने दी थी। शुरुआती जानकारी में 11 अगस्त को फैसला सुनाने की बात सामने आई थी, लेकिन इसे अब फिर 13 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया।

9 अगस्त को CAS ने 3 घंटे तक इस मामले की सुनवाई की थी। इस दौरान विनेश भी वर्चुअली मौजूद रहीं। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) की ओर से सीनियर वकील हरीश साल्वे ने विनेश का पक्ष रखा।

थॉमस बाक ने कहा था- हम कोर्ट का निर्णय मानेंगे
विनेश के मामले में इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी के अध्यक्ष थॉमस बाक ने ‘क्या एक भार वर्ग में दो सिल्वर दिए जा सकते हैं?’ इस सवाल पर कहा- ‘नहीं, यदि आप सामान्य रूप से एक वर्ग में दो सिल्वर मेडल दिए जाने के बारे में पूछ रहे हैं।

मुझे लगता है कि इंटरनेशनल फेडरेशन के नियम का पालन किया जाना चाहिए। वेट कट का फैसला यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग का था। यदि हम 100 ग्राम के साथ अनुमति देते हैं तो 102 ग्राम के साथ क्यों नहीं देंगे। अब यह मामला कोर्ट में है। अब हम CAS के निर्णय का पालन करेंगे। फिर भी फेडरेशन को अपने नियमों को लागू करना है। यह उनकी जिम्मेदारी है।’

2 दिन पहले विनेश ने लिया संन्यास ​​​​​
पेरिस ओलिंपिक फाइनल से पहले अयोग्य ठहराए जाने के बाद विनेश ने गुरुवार को कुश्ती से संन्यास की घोषणा कर दी। उन्होंने गुरुवार सुबह 5.17 बजे X पर एक पोस्ट में लिखा- “मां कुश्ती मेरे से जीत गई, मैं हार गई। माफ करना आपका सपना, मेरी हिम्मत सब टूट चुके। इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब। अलविदा कुश्ती 2001-2024, आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी, माफी।”

100 ग्राम ने विनेश को गोल्ड नहीं दिलवाया
6 अगस्त को विनेश फोगाट ने पेरिस ओलिंपिक की महिला रेसलिंग के 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाई थी। रेसलिंग नियम के मुताबिक मैच की सुबह रेसलर का वजन मापा जाता है। विनेश का जब वजन मापा गया, तब वे अपनी कैटेगरी यानी 50 किग्रा से 100 ग्राम ज्यादा थीं, जिसके बाद उन्हें फाइनल से बाहर कर दिया गया था।

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