बजट से म्यूचुअल फंड के टैक्सेशन पर कैसा असर पड़ेगा? यहां जानिए एक-एक बात

नई दिल्ली: 60 लाख करोड़ रुपये से अधिक की असेट अंडर मैनेजमेंट के साथ रिटेल इंवेस्टर्स के लिए कैपिटल मार्केट में हिस्सा लेने के लिए म्यूचुअल फंड एक लोकप्रिय तरीका बन रहा है। नए बजट में फाइनैंशल असेट्स में कैपिटल गेंस पर लगने वाले टैक्सेस में बदलाव किया गया है। जानिए इससे जुड़े हर सवाल का जवाब…

  1. इक्विटी स्कीम्स के लिए क्या रिजीम है?
    आयकर नियमों के अनुसार, इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड स्कीम्स में यूनिट्स की बिक्री से होने वाले लाभ पर अगर फंड का कम से कम 65% घरेलू शेयरों में निवेश करते हैं, तो डोमेस्टिक स्टॉक्स में खरीद के एक साल के भीतर सेल करने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) के रूप में और खरीद के एक साल के बाद बेचे जाने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) के रूप में टैक्स लगाया जाएगा।
  2. बजट में क्या बदलाव हुए हैं?
    नए प्रस्तावों के अनुसार इक्विटी इंवेस्टर्स को एक फाइनैंशल ईयर में टैक्स-फ्री इनकम के रूप में अतिरिक्त ₹25,000 का लाभ मिलेगा, क्योंकि ₹1.25 लाख तक के LTCG पर ₹1 लाख से छूट मिलेगी। इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड से एक फाइनैंशल ईयर में ₹1.25 लाख से अधिक के लाभ के लिए निवेशकों को पहले के 10% से 12.5% की दर से LTCG टैक्स का भुगतान करना होगा। एक साल के भीतर बिक्री के लिए STCG टैक्स पहले के 15% के मुकाबले 20% है।
  3. कौन से इक्विटी फंड कवर किए जाते हैं?
    जिन फंड में इक्विटी होल्डिंग कुल पोर्टफोलियो के 65% से अधिक है, उन्हें टैक्सेशन के लिए इक्विटी फंड के रूप में क्लासिफाइड किया जाता है। सभी इक्विटी स्कीम, आर्बिट्रेज फंड, बैलेंस्ड फंड (जिनमें आमतौर पर 65-75% इक्विटी और 25-35% डेट होता है) और इक्विटी सेविंग फंड ( इक्विटी, डेट और आर्बिट्रेज) को टैक्सेशन के नजरिए से इक्विटी-ओरिएंटेड फंड के रूप में क्लासिफाइड किया जाता है।
  4. डेट स्कीम के लिए क्या बदलाव हैं?
    बजट में डेट (Debt) ओरिएंटेड स्कीम के लिए कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं है। निवेशकों को होल्डिंग अवधि के बावजूद इन स्कीम पर अपने इनकम स्लैब के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स का भुगतान करना होगा।
  5. क्या किसी भी स्कीम के लिए इंडेक्सेशन सुविधा उपलब्ध है?
    बजट प्रस्तावों के अनुसार किसी भी म्यूचुअल फंड स्कीम के लिए इंडेक्सेशन सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इससे पहले मल्टी-असेट और हाइब्रिड जैसी कैटिगरी में 35-65% इक्विटी रखने वाली कुछ स्कीम को इंडेक्सेशन का लाभ मिल सकता था। जो निवेशक इन स्कीम को कम से कम 24 महीने तक होल्ड करते हैं, उन्हें 12.5% की दर से LTCG टैक्स देना होगा। अगर वे 2 साल से पहले बेचते हैं, तो उन्हें अपने स्लैब रेट्स के अनुसार STCG टैक्स देना होगा।
  6. गोल्ड स्कीम, FoF के बारे में क्या?
    फंड ऑफ फंड्स (एमएफ जो अन्य फंड्स में निवेश करते हैं), इंटरनेशनल फंड्स (विदेशी इक्विटी में 35% से अधिक एक्सपोजर) और गोल्ड/सिल्वर फंड को डेट इंस्ट्रूमेंट के रूप में माना जाता था। अब, कम से कम 24 महीनों के लिए रखे गए नए निवेशों पर 12.5% का LTCG टैक्स लगेगा, जबकि 2 साल से कम की होल्डिंग अवधि पर स्लैब दर के अनुरूप STCG टैक्स लगेगा।

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