बैरागढ़ सिविल अस्पताल में रेडियोलाजिस्ट नहीं, मेडीकल आफिसर की भी कमी

भोपाल। संत हिरदाराम नगर एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों की करीब दो लाख आबादी बैरागढ़ सिविल अस्पताल पर निर्भर है इसके बावजूद अस्पताल में लंबे समय से रेडियोलाजिस्ट का पद खाली है। प्रसूती के लिए आई महिलाओं को सोनोग्राफी के लिए परेशान होना पड़ता है। मेडीकल आफिसर के दो पद भी खाली हैं।

अस्पताल में लंबे समय से चिकित्सकों की कमी महसूस की जा रही थी। अस्पताल पर बैरागढ़ के अलावा आसपास के ग्रामीण जनता के स्वास्थ्य का भार है। एक समय अस्पताल में 22 चिकित्सक हुआ करते थे। अब यह संख्या घटकर 15 रह गइ है। चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। अस्पताल प्रबंधन ने कई बार इस संबंध में विभागीय स्तर पर पत्राचार किया। हाल ही में एनेस्थेशिया एवं पैथालाजिस्ट की नियुक्ति की गई है लेकिन चिकित्सकों की कमी महसूस की जा रही है। सोनोग्राफी के लिए सप्ताह में दो दिन बाहर के चिकित्सक आते हैं। अस्पताल में हर माह 300 से अधिक सोनोग्राफी जांच होती है, इसके बावजूद रेडियोलाजिस्ट नहीं है।

मेटरनिटी विंग के लिए डाक्टर नहीं

अस्पताल में मेटरनिटी विंग का काम अंतिम चरण में है। इसका निर्माण होने से महिलाओं को सुविधा हो जाएगी। इसके साथ ही आधुनिक आपरेशन थियेटर एवं लेबर रूम का निर्माण किया जाएगा। 45 बिस्तर वाला पीएनसी वार्ड एवं आठ बिस्तर वाला आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है। नए विंग में गर्भवती महिलाओं के इलाज की विशेष व्यवस्था रहेगी। बर्न यूनिट एवं बच्चों के लिए अलग वार्ड भी बन रहा है पर इसके लिए चिकित्सकों की पदस्थापना अभी तक नहीं की जा सकी है। जब तक चिकित्सक तैनात नहीं होते तब तक इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल सकेगा।

कुछ चिकित्सकों की कमी है

अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडीकल आफिसर की कमी है। रेडियोलाजिस्ट नहीं है लेकिन सोनोग्राफी के लिए सप्ताह में दो दिन तय हैं। महिला मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाती। डाक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

                      -डा. जेके जैन, अधीक्षक सिविल अस्पताल

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