भोपाल में दिन में ही चोरी करता था गैंग, क्योंकि सरगना को है नाइट ब्लाइंडनेस

भोपाल। भोपाल में दिनदहाड़े घरों के ताले चटकाने वाले गिरोह का कमलानगर थाना पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह का मुख्य सरगना रतौंधी(नाइट ब्लाइंडनेस) से पीड़ित है, जिसके चलते वह अपने साथी के साथ मिलकर रात के अंधेरे की बजाए दिन की रोशनी में ही घरों के ताले तोड़ता था और सोने-चांदी के जेवरात व रुपये चुराकर फरार हो जाता था।

चोरी से पहले दोनों बदमाश पूर्व में चोरी की गई बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शहर की गलियों में रेकी कर घरों को चिह्नित करते थे। इसके बाद मौका मिलने पर वारदात को अंजाम देते थे। जानकारी के अनुसार, आरोपितों ने बीते चार महीनों में छह चोरियों को अंजाम दिया।

पहले की गई चोरियों के बारे में पूछताछ

उन्होंने पिछले सप्ताह ही सहयाद्री परिसर में चोरी की घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद पुलिस ने दोनों चोर और चोरी का माल खपाने वाले एक अन्य बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित पुलिस रिमांड पर हैं, उनसे पूर्व में की गई चोरियों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।

जेल में हुई थी चोरों की दोस्ती

एडिशनल डीसीपी जोन-2 रश्मि अग्रवाल दुबे ने बताया कि आरोपित 40 वर्षीय नियाज खान मूलत: कर्नाटक का रहने वाला है। वह चोरी के मामले में गांधीनगर स्थित सेंट्रल जेल में बंद था।

इस दौरान चोरी के केस में ही जेल में बंद भोपाल के 52 वर्षीय राजू खत्री के संपर्क में आया। बताया जा रहा है दोनों चोर अक्टूबर महीने में जेल से छूटे थे। इस दौरान दोनों साथ रहने लगे और शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में चोरी की वारदातें शुरू कर दीं।

आरोपितों ने कमलानगर, तलैया, कोतवाली और पिपलानी क्षेत्र में कुल छह वारदातें की थीं। इसमें कमलानगर में ही तीन चोरियां शामिल थीं। राजू चोरी का माल खपाने के लिए आष्टा (सीहोर) के रहने वाले आबिद खान को देता था।

हर चोरी के बाद नियाज और राजू अपना पता बदल लेते थे। नियाज का परिवार बेंगलुरु में रहता है, जबकि राजू की पत्नी की मौत हो चुकी है। उसकी सौतेली बेटी है, जिसकी शादी हो गई है।

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