भोपाल में IATO का राष्ट्रीय सम्मेलन, सीएम मोहन बोले- उज्जैन की वैदिक घड़ी विश्व में समय निर्धारण का अनूठा उदाहरण

भोपाल। भगवान महाकाल समय के देवता हैं। हमारे जीवन में प्रतिपल, उल्लास और उमंग जगाने वाले हैं। टूर आपरेटर्स भी उसी भूमिका में काम करते हैं। भोपाल जीता-जागता पर्यटन का केंद्र बन गया है। यहां अक्सर बाघ भी देखने को मिलते हैं। बड़ा तालाब बांध निर्माण की उत्कृष्ट शैली का उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बातें होटल ताज लेकफ्रंट में इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के 39वें राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के साथ निवेश को बढ़ावा देने के लिए योजना लागू की गई है। प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

पीएम मोदी पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आप में पर्यटन के एंबेसडर हैं। जो लगातार पर्यटन को प्रमोट करते आ रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में कोई बात असंभव नहीं हो सकती है। उनके नेतृत्व में देश पर्यटन सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बदलते दौर में पोलेंड से यूक्रेन तक ट्रेन से यात्रा कर भारत की भूमिका का अहसास कराया है।

मैनुअल का हुआ विमोचन

इससे पूर्व केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलन कर अधिवेशन का शुभारंभ किया। तीन दिवसीय सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गईं और आईएटीओ मैनुअल का विमोचन किए जाने के साथ आईएटीओ पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। राजदान होलीडेज के दिवंगत एमएल राजदान और इंडियन होटल कंपनी लिमिटेड के एमडी और सीईओ पुनीत छटवाल को हाल आफ फेम सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को मप्र के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने भी संबोधित किया।

वैश्विक मांग के अनुरूप देश में विकसित किए जा रहे हैं नए पर्यटन स्थल

केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि विश्व में भारत के इतिहास, संस्कृति, खानपान, ज्ञान की विविधता को जानने का आकर्षण बढ़ा है। पर्यटन के लिए यह नए अवसरों के द्वार खोलता है। हम सभी को मिलकर इस अवसर का लाभ उठाते हुए भारत को वैश्विक पर्यटन का केंद्र बनाने में योगदान देना होगा।
उन्होंने कहा कि देश में वैश्विक मांग के अनुरूप नए पर्यटन स्थल विकसित किए जा रहे हैं। 2047 में भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने में पर्यटन क्षेत्र अग्रणी भूमिका निभाएगा। हम सभी की जिम्मेदारी है कि देश के पर्यटन स्थलों की विशेषताओं और आकर्षण को विश्व के हर कोने में पहुंचाए और जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र के योगदान को बढ़ाएं।

53 कलाकारों ने पेश की मप्र की तस्वीर

मध्यप्रदेश राज्य के ऐतिहासिक वैभव एवं नैसर्गिक सौंदर्य को दर्शाने के लिए मनमोहक मध्यप्रदेश : भारत की हृदय भूमि नामक समवेत सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। मैत्रेई पहाड़ी द्वारा निर्देशित प्रस्तुति में 53 कलाकारों ने 40 मिनट में विरासत, आध्यात्मिकता और ऐतिहासिक महत्व से समृद्ध मध्यप्रदेश की तस्वीर नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की। धार के कैलाश सिसोदिया एवं साथियों ने भील जनजाति का पारंपरिक भगोरिया नृत्य प्रस्तुत किया।

अन्य प्रस्तुतियां भी आकर्षक रहीं

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से होटल ताज लेकफ्रंट में दो सितंबर तक चलने वाले सम्मेलन में देश के एक हजार से ज्यादा टूर आपरेटर, ट्रेवल एजेंट, होटलियर्स सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। ‘ रीसर्जेंट इंडिया इनबाउंड ‘ थीम पर इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वर्तमान पर्यटक आकषर्णों के बारे में जागरूकता को बढ़ाना और आइएटीओ के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनुभव आधारित पर्यटन और आफ-बीट गंतव्यों को प्रचारित करना है।

महिला पर्यटकों की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत : ज्योति मयाल

कोरोना काल के बाद पर्यटन बढ़ा है। खास तौर से सोलो ट्रेवलिंग में तेजी आई है। महिलाएं सोलो ट्रिप पर निकल रही हैं। ऐसे में महिला सुरक्षा की जरूरत ज्यादा महसूस की जा रही है। देश में अब महिला पुलिस, महिला ड्राइवर, टूरिस्ट गाइड, महिला होटल संचालकों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। महिला पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो विश्व में भारत की छवि और निखरेगी। नवदुनिया में चर्चा में ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन आफ इंडिया की अध्यक्ष ज्योति मयाल ने कहा कि यदि कोई बाहर से आए तो उसे हमारे देश की संस्कृति को अपनाना चाहिए। पर्यटन के क्षेत्र में भारत को ग्लोबल मार्केटिंग बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए वर्चुअल माध्यमों का ज्यादा से उपयोग करना होगा। मप्र में पर्यटन के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हुआ है। ट्राइबल और एडवेंचर टूरिज्म में बहुत संभावनाएं हैं। राज्य की मार्केटिंग भी अच्छी हो रही है।

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