मप्र में अंबानी-अदाणी हेल्थ में करेंगे निवेश:भोपाल में खुलेगी सर गंगाराम अस्पताल की ब्रांच

अब भोपाल सहित मप्र के मरीजों को कैंसर और ट्रांसप्लांट जैसी जटिल चिकित्सा सेवाओं के लिए दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। वजह राज्य में हेल्थ सेक्टर में बड़ा निवेश होने जा रहा है। जीआईएस के दौरान प्रदेश में 3 प्रमुख कॉर्पोरेट अस्पतालों के निवेश को मंजूरी मिल सकती है। दिल्ली का प्रतिष्ठित सर गंगाराम हॉस्पिटल भोपाल में अपना मल्टी-स्पेशलिटी सेंटर खोलेगा, जिसमें ऑर्गन ट्रांसप्लांट (लिवर, किडनी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट) यूनिट होगी।
ग्वालियर में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल का नया सेंटर खुलेगा, जो कैंसर ट्रीटमेंट, हाई-टेक कार्डियक केयर और न्यूरो-कार्डियक केयर पर विशेष ध्यान देगा। अदाणी ग्रुप भी भोपाल या इंदौर में एक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल खोलेगा, जिसमें हाई टेक ट्रामा सेंटर की सुविधा होगी।
हेल्थ पॉलिसी में खास… अस्पताल खोलने के लिए 3 कैटेगरी में मिलेगी छूट
राज्य सरकार की नई हेल्थ पॉलिसी पूरी तरह से तैयार है। इसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रस्तावित किया जाएगा। इस पॉलिसी के तहत, अस्पताल या हेल्थ सेक्टर में किसी कंपनी को स्थापित करने के लिए जो 20 प्रमुख अनुमतियां चाहिए होती हैं, उन्हें लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया गया है। इसके तहत सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 30 से 45 दिन के भीतर मंजूरी दी जाएगी। यह नीति राज्य सरकार के कैबिनेट से पास हो चुकी है।
ए कैटेगरी – इसमें भोपाल-इंदौर जैसे शहर भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर में निवेश पर कोई सब्सिडी या छूट नहीं दी जाएगी। यदि कोई संस्था 500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करती है, तो उसे कैबिनेट कमेटी फॉर इंवेस्टमेंट प्रमोशन (सीसीआईपी) में लाया जाएगा, जहां से आवश्यक छूट दी जाएगी। यह कमेटी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में काम करती है।
बी कैटेगरी – कस्बाई जिले, 30% सब्सिडी इसमें कम आबादी वाले कस्बाई जिलों को शामिल किया है। यहां मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए कम से कम 100 बेड व सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 50 बेड को व्यवस्था होनी चाहिए। ऐसे अस्पतालों को 30% कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। । यदि कोई संस्था 75 करोड़ से अधिक का निवेश करती है, तो यह प्रस्ताव सीसीआईपी में अतिरिक्त छूट के लिए भेजा जा सकता है।
सी कैटेगरी – पिछड़े जिले, 40% सब्सिडी पिछड़ा और आदिवासी बाहुल्य जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है। यहां यदि कोई मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल 100 बेड का और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल 50 बेड का स्थापित करता है, तो उसे 40 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। यदि कोई संस्था 75 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करती है, तो यह प्रस्ताव सीसीआईपी में अतिरिक्त छूट के लिए भेजा जा सकता है।





