रचना टावर में दिनदहाड़े हुई 12 लाख की लूट का पर्दाफाश, एक महिला समेत तीन गिरफ्तार, कंपनी का पुराना कर्मचारी निकला मास्टरमांइड

भोपाल। भोपाल में विधायक और सांसदों की मल्टी स्टोरी बिल्डिंग रचना टावर में गत बुधवार सुबह शराब कंपनी के दफ्तर में घुसकर 12 लाख रुपये की लूट के मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। लूट का मास्टरमाइंड शराब कंपनी का पुराना ड्राइवर निकला, जिसने बागपत उत्तर प्रदेश के दो बदमाशों को बुलाकर लूट कराई थी। खास बात यह है कि इस लूट की वारदात में मास्टरमाइंड की महिला मित्र भी शामिल थी। उसी ने उप्र के बदमाशों को शहर में रुकवाने, रचना टावर में घटनास्थल की रेकी करवाई और बाद में लूट करने के बाद फरार होने के लिए स्टेशन तक सुरक्षित पहुंचाया।

इधर, लूटे गए 12 लाख में से छह लाख रुपये और देशी कट्टा बरामद कर लिया। बाकी रुपये आरोपितों ने खाते में जमा कर दिए थे। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने मास्टर माइंड, उसकी महिला मित्र और उप्र के एक बदमाश समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। एक अन्य बदमाश फरार है।

नौकरी से निकाले जाने से खफा था

मास्टरमाइंड ने पुलिस को बताया कि लूट का करने का कारण नौकरी से निकाला जाना था। चूंकि उसे रोजाना लाखों रुपये कंपनी के जमा होने की पूरी जानकारी थी। लिहाजा, उसने इस वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद उसका अगला टारगेट बैतूल था।

आठ टीमें जुटी थीं सर्चिंग में

बता दें कि सात अगस्त की सुबह आठ बजे रचना टावर के फ्लैट नंबर 108 में छत्तीसगढ़ की प्रीमियम लिकर्स शराब कंपनी के दफ्तर में घुसकर मैनेजर श्यामसुंदर जायसवाल की कनपटी पर पिस्टल तानकर कलेक्शन के करीब 12 लाख रुपये लूट लिए थे। घटना के बाद पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र ने जांच का जिम्मा क्राइम ब्रांच समेत आठ टीमों को दिया था। इसमें मिसरोद, बागसेवनिया, पिपलानी, गोविंदपुरा थाना पुलिस को शामिल किया गया।

ऐसे मिला सुराग

जांच के दौरान पुलिस ने 25 किमी के दायरे में स्थित पांच सौ सीसीटीवी खंगाले और शराब कंपनी के पुराने और नए मिलाकर करीब 25 कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके अलावा चार हजार मोबाइल नंबर की काल डिटेल निकाली। इसमें कंपनी के पुराने कर्मचारी और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले मदनलाल सेन पर संदेह गहरा गया। उससे पूछताछ की तो वह पुलिस की सख्ती में टूट गया। उसने महिला मित्र और उप्र बागपत के दो बदमाशों संजय कश्यप और चरण जाट के साथ मिलकर लूट की साजिश करना कबूल कर ली। लूट की वारदात में महिला मित्र को एक लाख रुपये और दोनों बदमाशों को लूटे गए माल का आधा हिस्सा दिया गया था। उनको पचास लाख का अनुमान था, लेकिन उन्हें 12 लाख रुपये ही मिले।

महिला ने लुटेरों को सुरक्षित पहुंचाया स्टेशन

इस लूट की वारदात में आदर्श कालोनी थाना बंडा जिला सागर निवासी 37 वर्षीय मदनलाल सेन, महिला मित्र सोहाग नगर चंबल ऐशबाग निवासी 41 वर्षीय सुषमा रायकवार ने अहम भूमिका अदा की। मदन सेन ने दोनों बदमाशों को छह अगस्त को गोंडवाना एक्सप्रेस से भोपाल बुलाया। जहां उनकी सुषमा से मुलाकात कराई और बाद में सुषमा को उनके रुकवाने और घटनास्थल की रैकी कराई। लूट के बाद उनको स्कूटर से पुलिस से बचाकर गोविंदपुरा आइआइटी के रास्ते से भोपाल स्टेशन पहुंचाकर रुपयों के साथ फरार करा दिया। लूट के समय में भी सुषमा पांच सौ मीटर दूरी पर स्कूटर लेकर खड़ी थी।

जेल में कैद रहते हुई थी दोस्ती

मदन लाल सेन 2021-22 में दोहरे हत्याकांड में बैतूल जेल में बंद था। जहां पर उसकी मुलाकात शिवमंदिर के पास ग्राम ककड़ीपुर थाना रमाला जिला बागपत उप्र निवासी 22 वर्षीय संजय कुमार कश्यप से हुई थी, जो आमला पेट्रोप पंप लूट के मामले में मुल्ताई जेल में बंद था। जहां दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई थी। इधर, शराब कंपनी से निकाले जाने के बाद मदन ने संजय से संपर्क किया और लूट की योजना बनाई। संजय ने अपने साथ ग्राम रणछोड़ थाना रमाला जिला बागपत उप्र निवासी चरण जाट को शामिल कर लिया।
शराब कंपनी के आफिस में घुसकर लूट में चार आरोपितों में से तीन गिरफ्तार हुए हैं। इस लूट का मास्टरमाइंड शराब कंपनी का पूर्व कर्मचारी है, उसने उप्र के बदमाशों के साथ मिलकर वारदात की।
– हरिनारायणाचारी मिश्रा, पुलिस आयुक्त, भोपाल

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