रीवा रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में 31 हजार करोड़ के मिले प्रस्ताव, पतंजलि ग्रुप भी कर रहा बड़ा निवेश

रीवा: मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने रीवा में बुधवार को आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव को अब तक सबसे सफल आयोजन बताया। कहा कि कान्क्लेव में 31 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। यह आयोजन रीवा के औद्योगिक विकास के लिए क्रांतिकारी कदम साबित होगा।

31 हजार करोड़ के प्रस्ताव मिले

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजन में भाग लेने वाले सभी उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीति और सकारात्मक वातावरण की प्रशंसा की है। मध्य प्रदेश में सिद्धार्थ इन्फ्राटेक 12 हजार 800 करोड़ रुपये, ऋत्विक प्रोजेक्ट चार हजार करोड़, केजीएस सीमेंट 14 हजार करोड़, पतंजलि ग्रुप एक हजार करोड़, रामा ग्रुप 500 करोड़, सोलर एएमसी सर्विस प्रा.लि. 400 करोड़, बीपीसीएल पेट्रोकेमिकल ने 300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है।

इसमें भाग लेने के लिए पूरे प्रदेश से चार हजार से अधिक उद्यमियों ने पंजीयन कराया था। इसमें 10 राज्यों के निवेशकों ने भागीदारी की साथ ही 300 से अधिक वायर-सेलर मीटिंग की गईं। कार्यक्रम में 150 से अधिक विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया।

साथ ही शारदा मिनरल्स ग्रुप 225 करोड़ रुपये, एस गोयनका ग्रुप ने 200 करोड़, शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी 175 करोड़ रुपये, अदाणी ग्रुप ने सिंगरौली में 2528 करोड़, जय प्रकाश पावर बेंचर 750 करोड़, एनटीपीसी ने सोलर प्लांट के लिए 103 करोड़, अल्ट्राटेक सीमेंट लि. मैहर में 3000 करोड़ रुपये और निसर्ग इस्पात सीधी में एक हजार करोड़ रुपये व अन्य उद्योगों में 2063 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इनसे लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा।

कटनी और सिंगरौली में कंटेनर डिपो बनेंगे

सीएम ने कहा कि पतंजलि ग्रुप उज्जैन में योग और आयुर्वेद का संस्थान बनाने जा रहा है। रीवा में पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव से विंध्य के विकास को नई दिशा मिलेगी। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सिंगरौली और कटनी में कन्टेनर डिपो बनाए जाएंगे। रीवा-सतना में नवीन औद्योगिक क्षेत्रों व सिंगरौली, सीधी, मऊगंज और मैहर में एमएसएमई विभाग के औद्योगिक क्षेत्र खोले जाएंगे।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विंध्य क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा। विंध्य में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का संयुक्त सोलर ग्रिप स्थापित किया जाएगा। इससे प्राप्त बिजली का दोनों प्रदेशों में आवश्यकता के अनुसार उपयोग होगा। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी इस आयोजन को अद्वितीय बताया।

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