विदेशी कंपनी के हाथ बिक गया टाटा ग्रुप का यह बिजनस, RBI ने दे दी डील को मंजूरी

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप ने एटीएम बिजनस से पूरी तरह किनारा कर लिया है। ग्रुप ने अपना यह बिजनस एक विदेशी कंपनी को बेच दिया है। RBI ने टाटा कम्युनिकेशंस ने टाटा कम्युनिकेशंस पेमेंट सॉल्यूशंस (TCPSL) में 100% हिस्सेदारी ऑस्ट्रेलियाई फिनटेक कंपनी Findi की भारत में सहायक कंपनी ट्रांजेक्शन सॉल्यूशंस इंटरनेशनल (TSI) को बेचने की अनुमति दे दी है। नवंबर 2024 में घोषित इस सौदे का मूल्य 330 करोड़ रुपये है। इसमें इंटरचेंज रेट एडजस्टमेंट के आधार पर अतिरिक्त 75 करोड़ रुपये शामिल हैं।
क्या होगा फायदा
साथ ही कंपनी 10,000 से अधिक ‘व्हाइट लेबल’ एटीएम के लिए बैक-एंड ऑपरेशन को मैनेज करती है। इतना ही नहीं कंपनी FindiPay ब्रांड के तहत 50,000 से अधिक मर्चेंट्स के जरिए डिजिटल भुगतान की सुविधा भी देती है। इस अधिग्रहण के साथ Findi 4,600 से अधिक एटीएम ऑपरेट करने वाले इंडिकैश एटीएम को इंटिग्रेट करेगा और लगभग 3,000 अतिरिक्त एटीएम तक एक्सेस हासिल करेगा। इससे कंपनी का कुल नेटवर्क विभिन्न श्रेणियों में 12,000 एटीएम से आगे निकल जाएगा और वह एशिया के सबसे बड़े एटीएम ऑपरेटरों में से एक बन जाएगा।यह 2025 में Findi का दूसरा बड़ा अधिग्रहण है। इससे पहले जनवरी में TSI ने 129,000 से ज्यादा मर्चेंट टचपॉइंट्स के साथ डिजिटल भुगतान प्रदाता BankIT का अधिग्रहण किया था। इससे उसका कुल मर्चेंट बेस 180,000 से अधिक हो गया। साल 2008 में स्थापित TCPSL ने ATM पैठ बढ़ाने के RBI की नीतियों के मुताबिक 2013 में भारत का पहला व्हाइट-लेबल ATM नेटवर्क इंडिकैश लॉन्च किया था। TCPSL भारत में सबसे बड़े व्हाइट-लेबल ATM ऑपरेटरों में से एक है।





