भोपाल। वन विहार में शेर खान पानी के सोंसर में डुबी लगा रहा है तो बलू कूलर की हवा ले रहा है। दरअसल वन विभाग ने शहर में बढ़ती तेज गर्मी को देखते हुए वन्यप्राणियों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। शहर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आस-पास होने के चलते वन विहार प्रबंधन ने अभी से वन्य जीवों को गर्मी से बचाने की तैयारियां शुरू कर दी है। वन विहार में वन्य जीवों के बाड़े के पीछे कूलर लगाए गए और खस बांधे गए हैं। इन खसों पर पानी छिड़कने के लिए विशेष रूप से कर्मचारियों की ड्यूटी भी तय की गई है।
इसके अतिरिक्त जानवरों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं। घास के मैदान में विचरण करने वाले सांभर झुंड बनाकर पेड़ के नीचे खड़े हो रहे हैं। वहीं ठंड में पानी के किनारे निकलकर धूप तापते दिखने वाले मगर और घड़ियाल भी पानी में डुबकी लगा रहे हैं। वहीं भालू भी पेड़ के नीचे छांव में बैठने की व्यवस्था कर रहा है। बाघ और हायना भी गर्मी से परेशान दिखाई दे रहे हैं।
वन विभाग के सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि इस बार गर्मी के तेवर जल्दी ही तीखे हो जाने के चलते बाड़ों में जल्दी ही कूलर पंखे लगाए गए हैं। गर्मी के तीखे तेवरों को देखते हुए वन्य जीवों के लिए पंखे, कूलर के साथ खस लगाकर भिगोने की विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिससे वन्य जीवों के शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।
25 आर्टिफिशियल और नेचुरल वाटर होल
वन विहार में खुले में घूमने वाले वन्य प्राणियों के लिए लगभग 25 आर्टिफिशियल और नेचुरल वाटर होल बनाए गए हैं। इनकी नियमित सफाई की जा रही है। इनकी डाइट पर भी खासा ध्यान है। हरा चारा और न्यूट्रीएंट्स वन्य प्राणियों को दिया जा रहा है। वन विहार में केप्टिविटी में रखे गए वन्य प्राणियों को गर्मी से बचाने के लिए हाउसिंग में परदे, खस, कूलर लगाए गए हैं। हाउसिंग में वाटर होल, पानी में ग्रीन नेट और धूप से बचाने के लिए टपरे बनाए गए हैं।
वन्य प्राणियों का बदल गया व्यवहार
गर्मी तेज होने के साथ ही वन्य प्राणियों के व्यवहार में भी बदलाव हो गया है। शेर और दूसरे वन्य प्राणी गर्मी से बचने के लिए छायादार जगह में बैठते हैं। टाइगर वाटर होल में गर्मी से बचने के लिए सहारा ले रहा है तो वही लायन भी कूलर के सामने ठंडी हवा का मजा ले रहा है।