श्रीलंका में गौतम अडानी का 44.2 करोड़ का प्रोजेक्ट खतरे में! अडानी ग्रुप ने दी सफाई

नई दिल्ली: देश के तीसरे सबसे बड़े औद्योगिक समूह अडानी ग्रुप को श्रीलंका में बड़ा झटका लगा है। भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर अडानी ग्रुप के साथ बिजली खरीद समझौते को रद्द कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में श्रीलंका के ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों से हवाले से यह दावा किया गया है। अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और कुछ अन्य शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ अमेरिका में मुकदमा दायर किया गया था। उन पर ठेके पाने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने और यह बात अमेरिकी निवेशकों से छिपाने के आरोप हैं। इन आरोपों के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के नेतृत्व वाली सरकार ने कंपनी की स्थानीय परियोजनाओं की जांच शुरू की है।
प्रोजेक्ट की समीक्षा
AFP ने एक अधिकारी के हवाले से कहा कि सरकार ने बिजली खरीद समझौते को रद्द कर दिया है लेकिन परियोजना रद्द नहीं हुई है। पूरी परियोजना की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की गई है। कई एक्टिविस्ट्स ने इस समझौते का विरोध किया था। उनका तर्क था कि छोटी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियां अडानी के ऑफर से लगभग दो-तिहाई कम कीमत पर बिजली की पेशकश कर रही हैं।
अडानी का 484 मेगावाट का विंड एनर्जी प्लांट मन्नार और पूनरी के तटीय क्षेत्रों में बनाया जाया है। लेकिन इसे पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण सर्वोच्च न्यायालय में एक अलग चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एएफपी ने आधिकारिक दस्तावेज के हवाले से कहा कि श्रीलंका के मंत्रिमंडल ने इस परियोजना के निर्माण की समीक्षा करने के लिए एक पैनल बनाने का फैसला किया है। साथ ही बिजली खरीद समझौते को कैंसल कर दिया गया है। विपक्ष में रहते हुए दिसानायके की पार्टी ने इस प्रोजेक्ट का विरोध किया था।
आरोपों का खंडन
अमेरिकी अभियोजकों ने अडानी और ग्रुप के कुछ शीर्ष अधिकारियों पर 19 नवंबर मुकदमा दायर किया था। उन पर ग्रीन एनर्जी के ठेके पाने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने और यह बात अमेरिकी निवेशकों से छिपाने के आरोप हैं। हालांकि अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को निराधार बताकर खारिज कर दिया है। साथ ही ग्रुप ने अमेरिकी अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए दो टॉप लीगल फर्मों को हायर किया है। श्रीलंका के 2022 में डिफॉल्ट होने के बाद अडानी ग्रुप श्रीलंका में एंट्री करने वाला पहला विदेशी निवेशक था। ग्रुप के $44.2 करोड़ के विंड एनर्जी प्रोजेक्ट को फरवरी 2023 में मंजूरी मिली थी।





