संविधान दिवस कार्यक्रम में बोले राज्यपाल, संविधान सबका संरक्षक, इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सबकी

भोपाल। देश आज संविधान दिवस मना रहा है। इस मौके पर भोपाल के रवीन्द्र भवन में स्थित हंसध्वनि सभागार राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेश की विविध विभूतियों का स्मरण किया गया।

इस मौके पर रवींद्र भवन में संविधान निर्माण संबंधी प्रदर्शनी लगाई गई और एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, मुख्य सचिव अनुराग जैन, विधायक भगवानदास सबनानी, रामेश्वर शर्मा सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने भारतीय संविधान के शिल्पी डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान सभा में शामिल रही तमाम विभूतियों को याद किया और कहा कि संविधान हम भारतीयों के लिए प्रेरणादायक जीवन दस्तावेज है और स्वतंत्र भारत का आधुनिक धर्म ग्रंथ है, जो हम सबका मार्गदर्शक है।
उन्होंने कहा कि संविधान को देश के हर नागरिक ने अंगीकृत किया है, इसलिए संविधान के वास्तविक संरक्षक हम भारत के लोग ही हैं। संविधान जहां एक और नागरिकों को सशक्त करता है, वहीं दूसरी ओर नागरिक भी अपने आचरण और व्यवहार से संविधान का संवर्द्धन और संरक्षण करते हैं। संविधान किसी एक का नहीं बल्कि सभी का संरक्षक है। इसलिए उसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी हम सभी की है।

हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान अभियान पर जोर

राज्यपाल मंगुभाई ने कहा कि आज का दिन हम सब भारतीयों के लिए गर्व और प्रसन्नता का दिन है। आज का दिन विश्वव्यापी मूल्यों की परस्परिक समझ का अवसर और उत्सव है, क्योंकि इस वर्ष संविधान को अपनाने के 75 साल पूरे हो रहे हैं। इसलिए यह वर्ष और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। इस महत्व को देखते हुए इस वर्ष को “हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान” अभियान के रूप में मनाने का निर्णय किया गया है।

हरेक शख्स समझे संविधान का महत्व

राज्यपाल ने कहा कि देश के हर वर्ग समुदाय और नागरिक का अपने अधिकारों और कर्तव्यों के अनुपालन के लिए सजग, सक्रिय रहना जरूरी है। देश का प्रत्येक नागरिक समर्पित भाव से संविधान के उद्देश्यों महत्व को समझे और समुचित पालन के द्वारा संविधान की प्रति अपने सम्मान प्रदर्शित करे। यह हम सभी का दायित्व है कि हम संविधान के अनुसार जाति, धर्म, लिंग, भाषा इत्यादि के आधार पर भेदभाव बिना एक सशक्त और समावेशी समाज बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। जरूरी है कि संविधान निर्माताओं द्वारा स्वतंत्र लोकतांत्रिक और आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण के लिए किए गए लंबे संघर्ष और त्याग के बारे में भावी पीढ़ी को परिचित कराया जाए।

संविधान के प्रति बढ़ाएं जागरूकता

राज्यपाल ने कहा कि संविधान दिवस केवल शासन और राजनीतिक दलों का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति आभार के उत्सव के रूप में इसे मनाया जाए। आज संविधान के अंगीकरण के 75 साल पूरे होने के अवसर पर प्रदेशवासियों का आह्वान करता हूं कि हम सभी अपने आचरण व्यवहार से संविधान से प्राप्त अधिकारों वर्षों पर गए कर्तव्यों के पालन के लिए जन जागरूकता को बढ़ाने में सक्रिय योगदान दें।

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