Nvidia से 18 साल पहले ही बन गई थी दुनिया की पहली ट्रिलियन डॉलर कंपनी, आज है रिलायंस से भी पीछे

नई दिल्ली: एआई चिप बनाने वाली अमेरिका की कंपनी एनवीडिया दुनिया की पहली 4 ट्रिलियन डॉलर कंपनी है। इससे पहले कोई भी कंपनी यह मुकाम हासिल नहीं कर पाई। लेकिन दुनिया की पहले ट्रिलियन डॉलर कंपनी बनने का श्रेय चीन की पेट्रोचाइना को जाता है। साल 2007 में इस कंपनी का मार्केट कैप 1 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा था। आज इसका मार्केट कैप 217.47 अरब डॉलर रह गया है और यह दुनिया की 66वीं वैल्यूएबल कंपनी है। भारत की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज 243.09 अरब डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया में 53वें नंबर पर है।
पेट्रोचाइना के बाद अगले ट्रिलियन डॉलर कंपनी बनने में 11 साल लग गए। साल 2018 में ऐपल और ऐमजॉन ने यह उपलब्धि हासिल की। 2019 में सऊदी अरामको और माइक्रोसॉफ्ट भी इस लिस्ट में शामिल हो गए। 2020 में गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट को यह मुकाम हासिल हुआ। 2021 में मेटा और टेस्ला भी इस एलीट क्लब का हिस्सा बन गए। 2023 में एनवीडिया ने भी इसमें एंट्री मारी और 2024 में बर्कशायर हैथवे, ताइवान की टीएसएमसी और अमेरिका की ब्रॉडकॉम भी इसमें शामिल हो गईं।
कैसे बढ़ता गया क्लब
लेकिन 2 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी बनने का सौभाग्य 2019 में सऊदी अरामको को मिला। 2020 में ऐपल भी इस मुकाम पर पहुंच गई। इसके एक साल बाद माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट ने भी इस एलीट ग्रुप में एंट्री मारी। पिछले साल यानी 2024 में एनवीडिया और ऐमजॉन को भी इसमें जगह मिल गई। 3 ट्रिलियन डॉलर के क्लब में आज तक केवल तीन कंपनियों को जगह मिली है। ऐपल ने 2022 में यह मुकाम हासिल किया जबकि माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया को 2024 में इसमें जगह मिली। इस साल एनवीडिया 4 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप हासिल करने वाली अकेली कंपनी बन गई।





