MP के सरकारी स्कूलों में 215 दृष्टिबाधित शिक्षक, शिक्षक एप से हाजिरी लगाने तक में असमर्थ

भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 215 दृष्टिबाधित शिक्षक कार्यरत हैं, जो समावेशी शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी बने हुए हैं। हालांकि तकनीकी कारणों से ये शिक्षक “हमारे शिक्षक” एप पर स्वयं ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने संस्था प्रमुख की लॉगिन आईडी से उनकी उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा प्रदान की है।
जबलपुर के पाटन से भाजपा विधायक अजय विश्नोई के प्रश्न के लिखित उत्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दृष्टिबाधित शिक्षकों की पदस्थापना और स्थानांतरण के लिए अलग से कोई विशेष नीति प्रस्तावित नहीं है। राज्य शिक्षा केंद्र कक्षा 1 से 8 तक की सभी पाठ्यपुस्तकों को ब्रेल लिपि में उपलब्ध करा रहा है, ताकि शिक्षण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
जबलपुर में सर्वाधिक पदस्थापना
जिलावार आंकड़ों के अनुसार सर्वाधिक 28 दृष्टिबाधित शिक्षक जबलपुर में पदस्थ हैं। भोपाल में 15, इंदौर और बालाघाट में 11-11 शिक्षक कार्यरत हैं।
13 जिलों में एक भी शिक्षक नहीं
मंडला, डिंडौरी, सागर, दमोह सहित 13 जिलों में एक भी दृष्टिबाधित शिक्षक पदस्थ नहीं है, जो संतुलित नियुक्ति पर सवाल खड़े करता है।
ब्रेल पुस्तकों की सुविधा
राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा कक्षा 1 से 8 तक की समस्त पाठ्यपुस्तकों को ब्रेल लिपि में मुद्रित कर उपलब्ध कराया जा रहा है।





