3 वर्ल्ड कप फाइनल में 3 कैच ने कैसे बदली टीम इंडिया की किस्मत? लिख दी विश्व विजेता बनने की कहानी

नई दिल्ली: भारतीय टीम ने अभी तक चार विश्व कप खिताब जीते हैं। 1983 में कपिल देव की कप्तानी में अंडर डॉग टीम ने धुरंधरों से भरी वेस्टइंडीज को हराया था। उसके बाद 2007 में भारतीय टीम टी20 विश्व कप की विजेता बनी। तब पाकिस्तान को हराया था। 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 28 साल बाद वनडे विश्व कप भारत आया। अब 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम चैंपियन बनी है। इनमें तीन खिताब भारत को कैच की वजह से मिला है।

कपिल देव ने लिया था रिचर्ड्स का कैच

1983 विश्व कप के फाइनल में वेस्टइंडीज के सामने 184 रनों का लक्ष्य था। विवि रिचर्ड्स उस समय दुनिया के सबसे बड़े बल्लेबाज थे। आते ही उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की कुटाई शुरू कर दी। लेकिन मदन लाल की गेंद पर उनसे गलती हो गई। रिचर्ड्स ने लेग साइड में बड़ा शॉट खेलना चाहा लेकिन गेंद हवा में चली गई। उन्होंने स्क्वायर लेग पर पीछे भागते हुए गेंद को लपक लिया। यहीं से मैच भारत की तरफ मुड़ गया।

श्रीसंत का 2007 में मैच विनिंग कैच

2007 टी20 विश्व कप का फाइनल मुकाबला इस बार से भी ज्यादा रोमांचक था। अकेले दमपर मिस्बाह उल हक पाकिस्तान को जीत की तरफ ले जा रहे थे। आखिरी ओवर में पाकिस्तान को 12 रन चाहिए थे। पहली दो गेंदों पर 7 रन बन गाए। 4 गेंद पर टीम को 6 रन चाहिए था और मिस्बाह ने जोगिंदर शर्मा के खिलाफ स्कूप शॉट खेलनी की कोशिश की। शॉर्ट फाइन लेग पर एस श्रीसंत ने गेंद को लपका और पाकिस्तान ऑलआउट हो गई। इसके साथ ही भारत चैंपियन बन गया।

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