टोंगा के पास 7.1 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी:300 किमी के दायरे में उठ सकती हैं खतरनाक लहरें

ओशनिया महाद्वीप में स्थित टोंगा के पास रविवार शाम 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसके बाद देश के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई। अब तक किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप मुख्य द्वीप से करीब 100 किमी (62 मील) उत्तर-पूर्व में आया। प्रशांत महासागर सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि भूकंप के केंद्र से 300 किमी (185 मील) के दायरे में खतरनाक लहरें उठ सकती हैं।

टोंगा एक द्वीप देश है, जिसमें 171 द्वीप शामिल हैं और यहां करीब 1 लाख लोग रहते हैं, जिनमें से ज्यादातर मुख्य द्वीप टोंगाटापू पर बसते हैं। यह ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट से 3,500 किमी (2,000 मील) दूर स्थित है।

भूकंप के बाद अब सुनामी का खतरा 

टोंगा नेशनल डिजास्टर एजेंसी ने लोगों को समुद्र तट से दूर रहने की चेतावनी जारी है। एजेंसी ने फेसबुक पर लिखा- निचले तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग ऊंची जगहों पर चले जाएं।

US नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फियर एडमिनिस्ट्रेशन ने चेतावनी दी है कि इस इलाके में सुनामी का खतरा बना हुआ है। 2000 से ज्यादा लोगों ने भूकंप महसूस करने की बात कही है। हालांकि, मौसम विज्ञान ब्यूरो के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया को सुनामी का कोई खतरा नहीं है।

यह भूकंप हाल ही में म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप के बाद आया है। टोंगा धरती के भूकंपीय रिंग ऑफ फायर के पास मौजूद है, यहां पर धरती की टेक्टोनिक गतिविधियों की वजह से भूकंप आना आम बात है।

क्या है रिंग ऑफ फायर और टेक्टोनिक प्लेट्स? 

रिंग ऑफ फायर ऐसा इलाका है जहां कई कॉन्टिनेंटल के साथ ही ओशियनिक टेक्टोनिक प्लेट्स भी हैं। ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं तो भूकंप आता है, सुनामी उठती है और ज्वालामुखी फटते हैं। दुनिया के 90% भूकंप इसी रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में आते हैं।

यह क्षेत्र 40 हजार किलोमीटर में फैला है। दुनिया में जितने सक्रिय ज्वालामुखी हैं, उनमें से 75% इसी क्षेत्र में हैं। 15 देश इस रिंग ऑफ फायर की जद में हैं।

दुनिया में हर साल 20,000 हजार भूकंप आते हैं 

हर साल दुनिया में कई भूकंप आते हैं, लेकिन इनकी तीव्रता कम होती है। नेशनल अर्थक्वेक इंफर्मेशन सेंटर हर साल करीब 20,000 भूकंप रिकॉर्ड करता है। इसमें से 100 भूकंप ऐसे होते हैं जिनसे नुकसान ज्यादा होता है।

भूकंप कुछ सेकेंड या कुछ मिनट तक रहता है। अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा देर तक रहने वाला भूकंप 2004 में हिंद महासागर में आया था। यह भूकंप 10 मिनट तक रहा था।

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