बॉयज हॉस्टल में फायरिंग से सनसनी, खिड़कियों में गोली के निशान

बालाघाट: मंगलवार सुबह शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के बालक छात्रावास में फायरिंग की घटना ने सनसनी फैला दी। गोली किसने और क्यों चलाई है, पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस को छात्रावास के दो कमरों की कांच की खिड़की में तीन से चार एमएम के छेद मिले हैं, जहां से गोली आरपार हुई है, जबकि दो कमरों में कांच में दरार व कमरे में कांच के टुकड़े मिले हैं। फायरिंग में कोई छात्र घायल नहीं हुआ है।
प्रारंभिक जांच में दो बातें सामने आई है। पहली- फायरिंग ‘एयर गन’ से की गई है और दूसरी- फायरिंग कमरे के अंदर से ही की गई है। फायरिंग किस मकसद से की गई है, ये जांच का विषय है, लेकिन छात्रावास में इस घटना ने छात्रों व प्रबंधन को दहशत में डाल दिया है। मंगलवार सुबह जिला स्तरीय उकृष्ट विद्यालयीन सौ सीटर बालक छात्रावास प्रबंधन ने कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी।
जांच में जुटी पुलिस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर, कोतवाली थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले तथा दो उपनिरीक्षकों की टीम ने छात्रावास पहुंचकर चारों कमरों (कमरा नंबर-22, 23, 24 व 26) की बारीकी से जांच की और छात्रावास के कर्मचारियों से पूछताछ की।
दो दिन और एक ही समय पर चली गोली
छात्रावास कर्मी घनश्याम खरखटे और मेस कर्मी शिवमंगल मोहबिया ने बताया कि मंगलवार सुबह छात्रों ने कांच की खिड़की में गोली के आकार के निशान देखने के बाद प्रबंधन को इसकी सूचना दी। एक दिन पहले (सोमवार को) भी गोली चली थी। गौर करने वाली बात है कि दोनों दिन गोली सुबह के वक्त पांच से छह बजे चलाई गई है।
पहले दिन किया था नजरअंदाज
सोमवार को जब फायरिंग हुई, तब छात्रों ने अज्ञात द्वारा पत्थर फेंकना समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन मंगलवार को दोबारा इस घटना ने सबको चौकन्ना कर दिया। रात में छात्रावास की सुरक्षा संभालने वाले कर्मी ने भी गोली चलने जैसी घटना न देखी, न सुनी।
खास-खास
- जिन कमरों में गोली चली है, वहां दीवार पर लक्ष्य लगाने वाले गोलाकार बने मिले हैं।
- दुश्मनी या मस्ती-मजाक में फायरिंग करने के एंगल पर जांच कर रही पुलिस।
- गोली के निशान और दो कमरों में दरार के निशान एक निश्चित ऊंचाई पर मिले हैं।
- छात्रावास प्रबंधन व सिविल ड्रेस में पुलिस छात्रों से करेगी पूछताछ।
- बालक छात्रावास भवन नवंबर 2023 को हुआ था हैंडओवर।
- कक्षा नवमीं से बारहवीं तक के सौ छात्र हैं निवासरत
- छात्रावास में 50 कमरें हैं, जिसमें दो-दो छात्र रहते हैं।
- जिलेभर के दूरदराज से हर वर्ग के छात्र करते हैं निवास





