शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी:हीरा कारीगर और प्रॉपर्टी ब्रोकर ने बेचे थे ठगों को खाते

शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर भोपाल की महिला से 9 लाख रुपए की ठगी के मामले में साइबर क्राइम विंग की टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो शिवपुरी और तीन गुजरात के रहने वाले हैं। सूरत से पकड़े गए तीनों आरोपी हीरे के कारीगर निकले हैं। इनमें दो ने अपने बैंक खाते ठगों को बेचे थे। खाता बेचने वालों में शिवपुरी का प्रॉपर्टी ब्रोकर भी शामिल है।

आरोपियों ने दो बिचौलिए के माध्यम से यह खाते बेचे थे। इन बिचौलिए के संपर्क में एक व्यक्ति और था, जो मास्टर माइंड बताया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक ठगी गई रकम शिवपुरी निवासी युवक के करंट बैंक अकाउंट में पहुंची थी। इस खाते से रकम गुजरात के खातों में भेजी गई। इन्हीं खातों से निकासी भी हुई। बैंक से आई जानकारी में तीन खाताधारकों की पहचान हुई।

टीम ने सभी को राउंडअप कर पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया। शिवपुरी और गुजरात से पकड़े गए आरोपियों के बीच कोई लिंक नहीं है, लेकिन दोनों जगह बिचौलिए के संपर्क में रहने वाला एक ही व्यक्ति बताया जा रहा है। इनपुट के आधार पर टीम आगे की जांच कर रही है। इस कार्रवाई में एसीपी सुजीत तिवारी, एसआई सुनील रघुवंशी की अहम भूमिका रही।

खातों में 80 लाख का लेनदेन सामने आया

ठगी के 9 लाख रुपए सबसे पहले शिवपुरी के जिस अकाउंट में पहुंचे थे। उस खाते में 80 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन सामने आया है। टीम को शक है कि इसमें अधिकतर रकम ठगी की हो सकती है। साइबर विंग ने बैंक से संबंधित खाते में हुए ट्रांजेक्शन की जानकारी मांगी है। इस खाते से 80 लाख रुपए किन-किन खातों में पहुंचे। इसका पता भी लगाया जा रहा है।

ऐसे हुई थी 9 लाख रुपए की ठगी

साइबर क्राइम विंग के मुताबिक ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी की थी। ठगों ने एमआरटीईई मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के शेयर देने के नाम पर 9 लाख रुपए लिए थे। ठगों ने महिला के नाती से भी मोबाइल पर बात कर निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा बताया था। साइबर विंग ने पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल जांच के लिए भेजे हैं। इनसे काफी कुछ पता चल सकता है।

जानिए…किस आरोपी की क्या भूमिका रही

1. रामना​थ लोधी- पिछोर शिवपुरी का रहने वाला रामनाथ प्रॉपर्टी ब्रोकर है। इसी ने बिचौलिए के जरिए ठगों को अपना करंट अकाउंट बेचा था। 2. धनीराम जाटव- बदरवास शिवपुरी निवासी धनीराम 12वीं पास है और प्राइवेट जॉब करता है। इसी ने रामनाथ का खाता ठगों तक पहुंचाया। 3. बांभनीया शांति- सूरत का रहने वाला बांभनीया हीरे का कारीगर है। इसने भी ठगों को अपना खाता बेचा था। 4. परमार कमलेश भाई- अमरेली निवासी परमार सूरत में हीरे का कारीगर है। इसने भी ठगों को अपना खाता बेचा था। 5. प्रजापति अश्विन- राजकोट का रहने वाला प्रजापति सूरत में हीरे का कारीगर है। इसी ने बांभनीया और परमार के खातों को ठगों तक पहुंचाने का काम किया।

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