हमास ने माना- मिलिट्री चीफ दाइफ मारा गया:पिछले साल जुलाई में इजराइल के हवाई हमले में मौत हुई थी

हमास ने गुरुवार को मिलिट्री चीफ मोहम्मद दाइफ की इजराइल के हवाई हमले में मौत की पुष्टि की।  हमास के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने एक वीडियो जारी किया।

इस वीडियो में अबू ने दाइफ के अलावा हमास के डिप्टी कमांडर अबू तमा’आ, कॉम्बैट सपोर्ट चीफ रायद थाबेत और मिलिट्री विंग के चीफ ऑफ स्टाफ रफा सलामेह, खान यूनुस ब्रिगेड के कमांडर अयमान नोफाल, सेंट्रल और नॉर्थ गाजा ब्रिगेड के कमांडर अहमद गंदूर की मौत की जानकारी भी दी।

इजराइल के मुताबिक दाइफ की पिछले साल 23 जुलाई को हवाई हमले में मौत हो गई थी। इजराइल ने खान यूनुस में ब्रिगेड कमांडर रफा सलामेह के ठिकाने पर हमले किया था, जहां दाइफ भी मौजूद था।

इजराइल के रक्षा मंत्री ने दाइफ की तस्वीर को क्रॉस किया था

इजराइल के तत्कालीन रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने 1 अगस्त 2024 को दाइफ की मौत की पुष्टि की थी। उन्होंने इसे गाजा से आतंक को मिटाने के टारगेट में एक बड़ा कदम बताया था। गैलेंट ने सोशल मीडिया पर एक फोटो भी शेयर की थी, जिसमें वे दाइफ की तस्वीर को काले मार्कर से क्रॉस करते दिख रहे हैं।

इजराइल ने 7 बार दाइफ को मारने की कोशिश की थी, हालांकि उसे सफलता नहीं मिल पाई थी। उसके बार-बार बचने की वजह से उस पर कहावत ‘9 जिंदगी पाने वाली बिल्ली’ सटीक बैठती थी। दाइफ इजराइल पर पिछले साल 7 अक्टूबर को हुए हमले का मास्टरमाइंड था। उसी ने इस ऑपरेशन को ‘अल अक्सा फ्लड’ नाम दिया था।

साइंस ग्रेजुएट दाइफ कैसे बना इजराइल का मोस्ट वांटेड ?

दाइफ 2002 से हमास के मिलिट्री विंग का हेड था। मोहम्मद दाइफ 1965 में गाजा के खान यूनिस कैंप (रिफ्यूजी कैंप) में पैदा हुआ था। उस समय गाजा पर मिस्र का कब्जा था। 1950 में इजराइल में हथियार लेकर घुसपैठ करने वालों में उसका पिता भी शामिल था।

बचपन से ही उसने अपने रिश्तेदारों को फिलिस्तीन की लड़ाई लड़ते हुए देखा था। दाइफ ने गाजा की इस्लामिक यूनिवर्सिटी से साइंस की पढ़ाई की थी। वह अपने कॉलेज में एंटरटेनमेंट कमेटी को लीड करता था। उसने कई नाटकों में हिस्सा लिया था। 20 की उम्र के बाद अब तक दाइफ की कोई तस्वीर सामने नहीं आई थी।

हमास की स्थापना 80 के दशक के अंत में हुई। तब दाइफ की उम्र करीब 20 साल थी। ये वो समय था जब वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी पर इजराइल के कब्जे के खिलाफ पहले फिलिस्तीनी इंतिफादा या विद्रोह की शुरुआत हुई थी। इस दौरान दाइफ को आत्मघाती बम विस्फोटों में दर्जनों लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button