महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति को 5 साल के लिए मिलेगा दो करोड़ तक का लोन

भोपाल। प्रदेश में अर्थव्यवस्था को गति देने और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर बनाने के लिए सरकार का जोर सूक्ष्म, लघु एवं मध्य श्रेणी के उद्योगों पर है। इनके लिए विशेष क्षेत्र निर्धारित करने के साथ कई सुविधाएं भी दी जा रही हैं। केंद्र सरकार ने महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के नव उद्यमियों को आगामी पांच वर्ष में दो करोड़ रुपये तक का सावधि ऋण देने की नई योजना बनाई है। इसका लाभ मध्य प्रदेश के नव उद्यमियों को मिलेगा।
बजट में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के साथ स्टार्टअप के लिए कई प्रावधान
ऑल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन मंडीदीप के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल का कहना है कि सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के साथ स्टार्टअप के लिए कई प्रविधान बजट में किए गए हैं। स्टार्टअप के लिए 10 करोड़ से 20 करोड़ रुपये तक, आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण 27 फोकस क्षेत्रों में ऋण के लिए गारंटी शुल्क को घटाकर एक प्रतिशत किया गया है। विनिर्माण क्षेत्र के उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रविधान से भी लाभ होगा।
विशेष क्षेत्रों पर फोकस
केंद्र सरकार ने औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विशेष क्षेत्रों पर फोकस किया है। फुटवियर और लेदर क्षेत्र की उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा और निर्यात बढ़ाने के लिए उत्पाद योजना की घोषणा की है।





