तेलंगाना टनल हादसा, अंदर 11km पानी भरा:सिलक्यारा ऑपरेशन टीम भी 8 लोगों के रेस्क्यू में जुटी

टनल में एंडोस्कोपिक और रोबोटिक कैमरे लगाए गए सोमवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए टनल में एंडोस्कोपिक और रोबोटिक कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही NDRF डॉग स्क्वाड की मदद भी ली जा रही है।

L&T के एंडोस्कोपिक ऑपरेटर दोवदीप ने कहा, एंडोस्कोपिक कैमरे से हम देख सकते हैं कि टनल के अंदर क्या हो रहा है। हमने उत्तराखंड में भी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ऐसा किया था।

रेस्क्यू में NDRF-SDRF और आर्मी के जवान

रेस्क्यू के लिए NDRF के 145 और SDRF के 120 जवान तैनात हैं। सेना की एक इंजीनियर रेजिमेंट, जो सिकंदराबाद में इन्फैंट्री डिवीजन का हिस्सा है। उसे भी रेस्क्यू में लगाया गया है।

हादसा 22 फरवरी की सुबह करीब 8:30 बजे हुआ था। टनल के एंट्री पॉइंट से 13 किमी अंदर टनल की छत का करीब 3 मीटर हिस्सा ढहा है। इस दौरान टनल के अंदर करीब 60 लोग काम कर रहे थे।

52 लोग किसी तरह जान बचाकर निकल आए, लेकिन टनल बोरिंग मशीन (TBM) चला रहे 8 लोग फंस गए। इनमें 2 इंजीनियर, 2 मशीन ऑपरेटर और चार मजदूर हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

टनल के अंदर आवाज लगाई गई, रिस्पॉन्स नहीं मिला

जिलाधिकारी बी संतोष ने बताया कि रेस्क्यू टीमें सुरंग में वहां तक पहुंच गई हैं, जहां बोरिंग मशीन काम कर रही थी। अंदर फंसे कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो सका। कीचड़ के कारण आगे बढ़ने में परेशानी आ रही है।

SDRF के अधिकारी के मुताबिक, सुरंग के अंदर जाने का कोई रास्ता नहीं है। घुटनों तक कीचड़ है। सुरंग के अंदर ऑक्सीजन भेजी जा रही है। पानी निकालने के लिए 100 हॉर्स पॉवर का पंप मंगवाया गया है।

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