नए वक्फ कानून के खिलाफ श्रीनगर में PDP का प्रदर्शन:मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का वक्फ बचाव अभियान आज से

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में नए वक्फ कानून के खिलाफ पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने पार्टी ऑफिस के बाहर ही बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।

यह विरोध प्रदर्शन PDP के महासचिव खुर्शीद आलम के नेतृत्व में किया गया। PDP कार्यकर्ता नए वक्फ कानून के विरोध में शहर के केंद्र की ओर मार्च करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी।

इधर, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) शुक्रवार से देशभर में ‘वक्फ बचाव अभियान’ शुरू कर रहा है। बोर्ड के मुताबिक अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा।

इसका पहला फेज 11 अप्रैल से शुरू होकर 07 जुलाई यानी 87 दिन तक चलेगा। इसमें वक्फ कानून के विरोध में 1 करोड़ हस्ताक्षर कराए जाएंगे। जो PM मोदी को भेजे जाएंगे। इसके बाद अगले फेज की रणनीति तय की जाएगी।

मोदी सरकार पर सांप्रदायिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाया

AIMPLB महासचिव मौलाना फजलुर रहीम मुजद्दिदी ने वीडियो मैसेज जारी किया है। वीडियो में मुजद्दिदी ने सरकार पर सांप्रदायिक एजेंडा चलाने और धर्मनिरपेक्षता को कमजोर करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने वीडियो में कहा- यह अभियान वक्फ संपत्तियों की रक्षा और विधेयक को निरस्त करने की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। AIMPLB का मानना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों की प्रकृति और स्वायत्तता को नुकसान पहुंचाएगा, जिसे वे इस्लामी मूल्यों, शरीयत, धार्मिक स्वतंत्रता और भारतीय संविधान के खिलाफ मानते हैं।

बोर्ड के मुताबिक आंदोलन तब तक चलेगा, जब तक विधेयक पूरी तरह निरस्त नहीं हो जाता। इसे ‘वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ’ अभियान का नाम दिया गया है, क्योंकि बोर्ड इसे संवैधानिक अधिकारों से जोड़ता है।

AIMPLB बोलीं- शाह बानो मामले जैसा जन आंदोलन बनाया जाएगा 

AIMPLB ने इसे शाह बानो मामले (1985) की तरह व्यापक जन आंदोलन बनाने की बात कही है, जो शहरों से लेकर गांवों तक फैलेगा। AIMPLB की महिला विंग अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को जागरूक करेगी। बोर्ड ने समुदाय से संयम बरतने और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं से बचने की अपील की गई है।

वक्फ बचाव अभियान के तहत होने वाले कार्यक्रम

22 अप्रैल: दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ‘तहफ्फुज-ए-औकाफ कारवां’ (वक्फ की हिफाजत) नाम से बड़ा आयोजन किया जाएगा।

30 अप्रैल: रात 9 बजे देशभर में लोग अपने घरों, दफ्तरों, और फैक्ट्रियों में आधे घंटे के लिए लाइट बंद कर ‘ब्लैकआउट’ के जरिए प्रतीकात्मक विरोध करेंगे।

7 मई: दिल्ली के रामलीला मैदान में एक और बड़ा कार्यक्रम।

अभियान की मुख्य एक्टिवटी

जुमे की नमाज के बाद मानव श्रृंखला (ह्यूमन चेन) बनाकर विरोध प्रदर्शन। सभी राज्यों की राजधानियों और जिला मुख्यालयों पर धरना, प्रतीकात्मक गिरफ्तारियां, राष्ट्रपति-गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपने की योजना।

दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, रांची, लखनऊ, अहमदाबाद जैसे 50 बड़े शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस। इन शहरों में समाज के बुद्धिजीवियों के साथ बैठकें होंगी, जहां वक्फ विधेयक के नुकसान बताए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button