सीएस ने कहा -:मास्टर प्लान के हिसाब से ही हों सिंहस्थ के प्रस्ताव

सिंहस्थ-2028 से जुड़े उज्जैन, इंदौर सहित कई जिलों के लगभग 124 सड़क, सीवेज ट्रीटमेंट और पेयजल सप्लाई जैसे कामों की समीक्षा मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली पर्यवेक्षण समिति की बैठक में मंगलवार को हुई। इसमें मुख्य रूप से सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन शहर के लिए पेयजल सप्लाई को मजबूत करने के लिए नई योजना पर चर्चा हुई।

उज्जैन कलेक्टर -कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों ने उज्जैन में चल रहे और प्रस्तावित कामों का ब्यौरा रखा। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी कामों के प्रस्ताव बनें, वो मास्टर प्लान को देखते हुए बनाए जाएं। प्रस्ताव के साथ अधिकारी ब्यौरा पेश करें कि संबंधित बिल्डिंग या सड़क सिंहस्थ के लिए कैसे जरूरी हैं और आयोजन के बाद नगर के लिए उसका क्या उपयोग होगा।

सिंहस्थ की संभाग स्तरीय द्वारा भेजे गए कामों के प्रस्ताव बैठक में रखे गए। सिंहस्थ में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की संख्या होने की संभावना को लेकर पेयजल की सप्लाई को मजबूत करने के लिए प्रस्ताव आया। गंभीर डेम की वर्तमान सप्लाई को मजबूत करने लिए टेंडर देकर नई व्यवस्था बनेगी।

वहीं, नगर निगम उज्जैन के जोन कार्यालयों का निर्माण 33 करोड़ से प्रस्तावित है। 45 करोड़ से महापौर, अध्यक्ष, आयुक्त और अन्य अधिकारियों के आवास और स्टाफ क्वार्टर बनेंगे।

ओंकारेश्वर में 4 करोड़ रुपए से सीसी रोड बनेंगे लगभग 4 करोड़ रुपए की लागत से ओंकारेश्वर में सीसी रोड निर्माण होंगे। शिप्रा नदी के शुद्धिकरण के लिए इंदौर में 25 करोड़ की लागत से प्राइमरी लाइन की शुद्धता -संचालन के लिए मशीनें आएंगी। इंदौर में शिप्रा के शुद्धिकरण के लिए कई इलाकों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लान, नई सीवेज लाइन आदि के काम भी होंगे।

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