घरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन:भोपाल में युवक की मौत के बाद भी हादसे का खतरा

भोपाल के गांधी नगर के अर्जुन वार्ड में रहने वाली बहन निधि के जिस घर में भाई सुभाष सेन की हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हुई। गांधी नगर थाने के ठीक बगल से गुजरने वाली सड़क पर करीब आधा किलो मीटर चलने के बाद निधि का ससुराल मुख्य मार्ग के करीब चालीस फीट की दूरी पर है। यहां निधि पति विक्की के साथ रहती है। इसी मकान में उसकी दो ननद भी रहती हैं। नीले रंग के इस मकान की छत हाई टेंशन लाइन गुजर रही है।
छत और लाइन के बीच दो फीट का भी फासला नहीं है। कोई छोटा बच्चा भी इसे आसानी से छू सकता है। यह हाल केवल निधि के घर का नहीं, आस पड़ोस के करीब एक दर्जन से अधिक मकानों का है।
निधि की ननद मुस्कान सेन बताती हैं कि हवा के हलके से झोंके से भी हाईटेंशन लाइन छत के छज्जे को छू लेती है। परिवार में छोटे बच्चे हैं, हर समय दहशत रहती है कि कब इस लाइन के कारण कोई हादसा हो जाए। पूर्व में मोहल्ले का एक बच्चा हाईटेंशन की चपेट में आ चुका है, इससे उसका हाथ झुलस गया था।
शिफ्टिंग चार्ज के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की मांग
विक्की की छोटी बहन ने बताया कि लंबे समय से शिकायतें की जा रही है। लगातार बिजली विभाग को हाई टेंशन लाइन को शिफ्ट करने के लिए गुहार लगाई जा रही है। लेकिन उनकी ओर से लाइन की शिफ्टिंग चार्ज के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की मांग की जा रही है।
विभाग वालों का कहना है कि खर्च इससे ज्यादा बड़ सकता है लेकिन कम में काम नहीं हो सकता। हमारा और पड़ोस का परिवार पूर्व में पचास हजार रुपए एकत्र कर विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं कि हम इतने पैसा ही दे सकते हैं, लेकिन डेढ़ लाख से कम में विभाग काम करने को तैयार नहीं हुआ।
इसी का नतीजा है कि पूर्व में भाभी निधि करंट की चपेट में आईं और उनका हाथ झुलस गया। अब रक्षा बंधन पर आया उनका भाई भी इसी लाइन की चपेट में आने के बाद अपनी जान गंवा बैठा।
रहवासी बोले-3 बार कर चुके हैं शिकायत, सुनने को तैयार नहीं
स्थानीय निवासी नासिर ने बताया कि बीते करीब पांच साल में तीन बार अलग-अलग माध्यमों से शिकायतें की जा चुकी हैं। यहां एक नहीं कई हादसे हो चुके हैं। हाल ही में सुभाष की मौत हुई। इससे पहले सुभाष की बहन निधि का हाथ झुलसा गया था। एक पांच साल की मोहल्ले में रहने वाली बच्ची का भी हाथ झुलस चुका है। एक अन्य व्यक्ति की भी हाईटेंशन की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। लेकिन गरीबों की बस्ती होने के कारण यहां कार्रवाई नहीं हो रही है।
सैलून में काम करता था सुभाष सेन
सुभाष सेन उर्फ सर्वेश (20) पुत्र रघुवीर सिंह सेन मूल रूप से मंडकासिया जिला रायसेन का रहने वाला था। भोपाल के नरेला शंकरी में अपने मामा के घर बीते दो सालों से रह रहा था। मामा के साथ ही एक सैलून में काम करता था। उसके जीजा विक्की ने बताया कि साला सुभाष शनिवार की रात करीब साढ़े सात बजे राखी बंधवाने हमारे घर आया था। पत्नी निधि ने उसे खाना खाने के लिए रोक लिया।
साला मेरे साथ बैठकर पहली मंजिल स्थित कमरे में बात कर रहा था। इसी बीच गुटखा थूकने के लिए बाहर छत पर गया। यहां हाईटेंशन लाइन बेहद पास से गुजरी है। जिसने साले को अपनी चपेट में लिया। घटना के समय हल्की बारिश हो रही थी। गंभीर रूप से झुलसने से उसकी मौत हो गई। हालांकि हम उसे पास के अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टरों ने चेक करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
एक मिस्त्री की भी जा चुकी है जान
स्थानीय रहवासियों के मुताबिक इसी हाईटेंशन लाइन में आने के कारण एक साल पहले एक निर्माणाधीन मकान में कार्य कर रहे मिस्त्री की जान जा चुकी है। लगातार यह हाईटेंशन लाइन लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है लेकिन कंपनी न ही उसे कवर कर रहा है और न ही इसे शिफ्ट कर रही है।