विधु विनोद चोपड़ा ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को दी गाली, वीडियो देख यूजर्स ने लगा दी फिल्‍ममेकर की क्‍लास

बेहद मशहूर और दिग्‍गज फिल्ममेकर विधु विनोद चोपड़ा आम तौर पर एक सहज, सुलझे हुए और शालीन इंसान समझे जाते हैं। लेकिन गोवा में 54वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में एक मास्टरक्लास सेशन के दौरान उन्‍होंने अपना आपा खो दिया। बात सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की हो रही थी। विधु विनोद चोपड़ा इस दौरान इस कदर बिफर गए कि इन्फ्लुएंसर्स पर तीखा हमला बोलते हुए उन्‍होंने बेहिसाब गालियां दीं। अब सोशल मीडिया पर इस कारण फिल्‍ममेकर की किरकिरी भी हो रही है। हालांकि, कई यूजर्स उन्‍हें सपोर्ट भी कर रहे हैं।

भारतीय सिनेमा को ‘1942: ए लव स्‍टोरी’, ‘परिंदा’, ‘3 इडियट्स’, ‘मुन्ना भाई MBBS’ और ‘12वीं फेल’ जैसी फिल्‍में देने वाले विधु विनोद चोपड़ा के IFFI सेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें वह तीखे शब्द, गाली वाली भाषा का भरपूर इस्‍तेमाल कर रहे हैं। इस दौरान उन्‍होंने खुलेआम मजाक उड़ाया कि ये इन्फ्लुएंसर ऑनलाइन कैसे बर्ताव करते हैं।

…और बोलते हुए गाली दे पड़े विधु विनोद चोपड़ा

विधु विनोद चोपड़ा ने बताया कि अब फिल्‍मों में कास्टिंग का फैसला ज्यादा से ज्यादा फॉलोअर्स की संख्या पर आधारित होने लगा है। उन्होंने कहा, ‘मैं बताता हूं कि क्‍या हो रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो डालते हैं, कुछ अच्‍छा कहते हैं उसे 5 लोग लाइक करते हैं। फिर एक कुछ कूड़ा डालता है, उसे 5 मिलियन लाइक मिल जाते हैं। आप खुद से कहते हैं कि वाह, यही तो कंटेंट है। मैं कहता हूं कि ये लोग मूर्ख हैं। इनकी कोई योग्‍यता नहीं है। ना तो ये कलाकार हैं, ना कुछ… कुछ नहीं हैं ये। क्या शब्द इस्तेमाल कर सकता हूं… च**** हैं ये … वो नेट पर जाकर ऐसा खड़ा होता है.. 5 मिलियन हो गया। वैसे खड़ा होता है 10 मिलियन हो गया, 20 मिलियन हो गया।’

विधु विनोद चोपड़ा बोले- उसको लगता है कि मैं बाप हूं

विधु विनोद चोपड़ा ने इस बात की गहरी भी आलोचना की कि कैसे फॉलोअर्स को टैलेंट या अहमियत का पैमाना माना जाने लगा है। उन्‍होंने उन ब्रांड्स की भी आलोचना की जो प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए सोशल मीडिया स्टार्स के पीछे भागते हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘उसको लगता है कि मैं बाप हूं और ब्रांड्स उसके पास जाते हैं, कहते हैं, ‘बाप हमारा प्रोडक्ट बेच दो… वो फिर खड़ा हो जाता है.. क्या ***** चल रहा है? वो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सोचता है कि वह एक लेजेंड है। और फिर वह खड़ा हो जाता है, कहता है, ‘अरे, यह टिफिन खरीदो। अरे जो भी खरीदो यार।’

डिजिटल फेम और असली खुशी में फर्क

पांच बार नेशनल फिल्‍म अवॉर्ड जीत चुके 73 साल डायरेक्‍टर ने लोगों से भी अपील की है कि वह डिजिटल फेम और असली खुशी के बीच का फर्क समझें। उन्‍होंने आग्रह करते हुए कहा, ‘आपको एक व्यक्ति के रूप में चुनना होगा कि क्‍या आप वह बनना चाहते हैं, या आप वास्तव में खुशी पाने के लिए कोश‍िश करना चाहते हैं।’

यूजर्स बोले- आपने जोर से, ईमानदारी से सब कह दिया

‘पीके’ और ‘संजू’ के मेकर विधु विनोद चोपड़ा के ऐसे कॉमेंट्स के बाद सोशल मीडिया पर हाय-तौबा मच गई। सेशन से उनके वीडियो क्‍ल‍िप्‍स ऑनलाइन वायरल हो गए। इसको लेकर अलग-अलग राय भी आ रही है। कुछ यूजर्स ने उनकी साफगोई और ईमानदारी का सपोर्ट किया है, जबकि कई दूसरे यूजर्स को लगता है कि वह बहुत रूड हो गए। एक यूजर ने लिखा, ‘मुझे खुशी है कि उन्होंने यह जोर से और साफ-साफ कहा।’ एक अन्‍य यूजर ने कहा, ‘बहुत सच। आपकी बातों की तारीफ करता हूं सर।’

एक ने कहा- छोटे घर का आदमी बड़ा बन गया तो…

दूसरी ओर, कइयों ने इन्फ्लुएंसर जमात की कड़ी मेहनत और उनके सफर का बचाव किया। एक यूजर ने कहा कि इन्फ्लुएंसर कंटेंट बनाने और खुशी फैलाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। एक दूसरे यूजर ने शेयर किया, ‘हर कोई अपनी ताकत और रिसोर्स के हिसाब से अपने लिए, अपने परिवार और अपने आस-पास के लोगों के लिए जितनी खुशी फैला सकता है, फैलाने की कोशिश करता है। लेकिन जब वो लोग ऊपर उठते हैं, तो उनके बैकग्राउंड को जज किया जाता है। उन्हें सेलिब्रेट करने की बजाय उनका मजाक उड़ाया जाता है। हम इस बात से खुश क्यों नहीं हो सकते कि छोटे घर का कोई व्यक्ति कुछ बड़ा बन गया? खुशी सबकी होती है, सिर्फ कुछ लोगों की नहीं। और सच कहूं तो कुछ लोग जिस तरह से बोलते हैं, उससे पता चलता है कि उन्हें अंदर से असली खुशी नहीं मिली है।’

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