16 हजार NHM कर्मियों की आर्थिक हालत बिगड़ी

रायपुर, छत्तीसगढ़ के करीब 16 हजार NHM संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है। लगातार वेतन अटके रहने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जिला इकाई रायपुर ने इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
इस मांग के बीच 27 नवंबर को डॉ. प्रियंका शुक्ला का स्वास्थ्य विभाग से ट्रांसफर कर दिया गया है। उनकी जगह अब संचालक की जिम्मेदारी 2011 बैच के IAS संजीव कुमार झा संभालेंगे। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि झा के आने के कामों में तेजी आएगी और उनका अटका वेतन भी मिलेगा।
दो माह से वेतन अटका, कर्मचारियों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
कर्मचारी संघ ने बताया कि राज्यभर में कार्यरत NHM कर्मचारी जनमानस को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन पिछले दो महीनों से वेतन भुगतान नहीं हुआ। इससे कर्मचारी आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि बच्चों की फीस, किराया/होम लोन, रोजमर्रा के खर्च, घरेलू आवश्यकताएं जैसी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। कई कर्मचारी गंभीर आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव झेल रहे हैं।
आंदोलन के दौरान ड्यूटी करने वालों की बहाली भी लंबित
हाल ही में हुए एनएचएम आंदोलन के दौरान कई कर्मचारियों ने सेवा दी थी। स्वास्थ्य मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने बातचीत में समस्याओं के समाधान और वेतन भुगतान का आश्वासन दिया था।लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि आश्वासन के बाद भी अब तक न तो वेतन दिया गया और न ही कई कर्मचारियों की सेवा बहाली की गई।
मुख्यमंत्री से तत्काल भुगतान और बहाली के आदेश की मांग
कर्मी संघ ने मांग की है कि-
- दो महीनों का लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाए।
- आंदोलन के दौरान ड्यूटी पर रहे कर्मचारियों की सेवा बहाली तुरंत की जाए।
संघ ने कहा कि लगातार आर्थिक परेशानी और बहाली में देरी से NHM कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है।





