तोमर भाइयों ने रायपुर के सराफा-व्यापारी को हनी-ट्रैप में फंसाया

रायपुर, सूदखोर वीरेंद्र और रोहित तोमर मामले में एक नया खुलासा हुआ है। तोमर भाई हनी ट्रैप गैंग भी ऑपरेट करते थे। पहले कारोबारियों की रेकी करवाते, फिर इस गैंग के सदस्य कारोबारियों से दोस्ती करते थे। इन्हें नशे की लत लगवाते और फिर हनी ट्रैप में फंसाते थे।
तोमर ब्रदर्स के हनी ट्रैप गैंग मामले में पड़ताल की है। यह इस पूरे मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है।
सराफा कारोबारी हनी ट्रैप का हुआ शिकार
पड़ताल के दौरान रायपुर के उस सराफा कारोबारी को ढूंढ निकाला, जो हनी ट्रैप का शिकार हुआ। इस शख्स ने वीरेंद्र-रोहित और उसके गुर्गों से माता-पिता, बीवी, भाई को बचाने अपना सबकुछ गंवा डाला। पहले इस कारोबारी से 5000 रुपए रोजाना वसूली शुरू हुई, जो 2 लाख रुपए प्रति दिन तक जा पहुंची।
ऐसा करते-करते उसने एक साल में ही 5 लाख लोन का 1.5 करोड़ रुपए दे डाला। ऐसे एक नहीं, कई पीड़ित हैं लेकिन वे सिर्फ 2 वजह से पुलिस के सामने नहीं आ रहे। पहला- बदनामी। दूसरा- वीरेंद्र-रोहित छूटे तो उनसे जान का खतरा।
तोमर ब्रदर्स का भाठागांव में 10 करोड़ का घर
भाठागांव स्थित तोमर ब्रदर्स का घर, जो किसी आलीशान बंगले से कम नहीं है। आकलन है कि इस बंगले की कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है। पुलिस आने वाले समय में इसका भी वेरिफिकेशन करवाएगी। क्योंकि बंगले की साज-सज्जा, इसमें इस्तेमाल फर्नीचर, पर्दे और कंस्ट्रक्शन मटेरियल का पेमेंट नहीं किया है।
रोहित तोमर अब भी फरार
- पांच महीने में आठ एफआईआर, 17 मामले पहले से ही दर्ज हैं।
- वीरेंद्र तोमर- 163 दिन बाद 9 नवंबर को ग्वालियर से गिरफ्तार, जेल में।
- रोहित तोमर- 5 महीने से फरार।
पुलिस, राजस्व के अनुमान के मुताबिक सभी जमीनों की कीमत 20 करोड़ रुपए से अधिक है। उसने जिस समय खरीदी की, वो कलेक्टर गाइड-लाइन से कम दर पर की। उसमें भी गड़बड़ी की। इतना ही नहीं, पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उसने, परिवार के अलावा भी किन्हीं अन्य के नाम पर तो जमीनें नहीं खरीदीं।
शिकायत पर कार्रवाई करेंगे
एडिशनल एसपी लखन पटले ने कहा कि तोमर ब्रदर्स के खिलाफ लगातार शिकायतें आ रही हैं। कारोबारी सामने आ रहे हैं। बीते दिनों देवेंद्र नगर में एक कारोबारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है। शिकायतें आएंगी तो पुलिस वैधानिक कार्रवाई करेगी।





