1995 का वोटर आईडी, 2003 की लिस्ट में नाम नहीं:बुजुर्ग महिला को तनाव, ICU में भर्ती

भोपाल के काजी कैंप में रहने वाली 60 वर्षीय रजिया बी इन दिनों चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को लेकर तनाव में हैं।

उनके पास वर्ष 1995 में जारी वोटर आईडी कार्ड मौजूद है, लेकिन वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम नहीं मिल रहा। इसी वजह से उनका सत्यापन रुक गया है और डर बढ़ता जा रहा है।

रजिया बी के बेटे सद्दाम ने बताया कि उन्होंने हर संभव सूची में नाम खोजा, और रोज कलेक्टर कार्यालय जाकर भी जानकारी ली, लेकिन वहां से भी कोई समाधान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मां दिनभर इसी तनाव में रहती हैं कि उनका नाम क्यों नहीं है।

तनाव ने बिगाड़ी तबीयत, कराना पड़ा भर्ती 23 नवंबर को रजिया बी का बीपी अचानक बढ़ गया। घबराहट के चलते उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती किया गया और तीन दिनों तक आईसीयू में रखा गया। डॉक्टरों ने इसे मानसिक तनाव की वजह से बढ़ी समस्या बताया है। रोते हुए उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं ‘नाम नहीं होगा तो बांग्लादेश भेज देंगे… हमें बहुत डर लग रहा है… इसी टेंशन में मेरी तबीयत खराब हुई।’

प्रशासन ने दिया भरोसा, अभी मिलेगा मौका उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया जारी है। एक माह बाद भी दावे-आपत्तियां ली जाएंगी। तब दस्तावेज पेश कर नाम जुड़वाया जा सकता है। घबराने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि वैध दस्तावेज रखने वालों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

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