मध्य प्रदेश में बीएडधारी प्राथमिक शिक्षकों को छह महीने का ब्रिज कोर्स अनिवार्य, नहीं तो जाएगी नौकरी

भोपाल। मध्य प्रदेश के बीएडधारी प्राथमिक शिक्षकों के लिए छह माह का ब्रिज कोर्स अनिवार्य कर दिया गया है। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) नई दिल्ली द्वारा यह कोर्स ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग ओडीएल मोड पर कराया जा रहा है। संबंधित शिक्षक 25 दिसंबर तक पंजीयन करा सकते हैं। कोर्स नहीं करने पर नौकरी से बाहर कर दिया जाएगा।
इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने सभी जिला के जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ब्रिज कोर्स की समयसारिणी भी जारी की गई है। कोर्स में पंजीयन कराने के बाद एक साल में इसे पूरा करना होगा। अन्यथा शिक्षक की सेवाएं आगे जारी नहीं रखी जाएंगी।
कोर्स करना अनिवार्य
दरअसल, प्राथमिक शिक्षकों की व्यावसायिक योग्यता के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को आदेश पारित किया था। इस तिथि के बाद नियुक्त बीएड योग्यताधारी अभ्यर्थियों की प्राथमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति मान्य नहीं होगी। 11 अगस्त 2023 के पूर्व नियुक्त बीएड योग्यताधारी अभ्यर्थी (जिनकी नियुक्ति मान्य की गई है) को छह माह का ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य किया गया है।
इस संबंध में सभी डीईओ को निर्देशित किया गया है कि वर्ष 2023 में नियुक्त इन शिक्षकों को एनआईओएस पोर्टल पर ब्रिज कोर्स के लिए स्वयं पंजीयन कराने के लिए सूचित किया जाए। ऐसा न करने पर नौकरी से बाहर कर दिया जाएगा। इसका उत्तरदायित्व संबंधित शिक्षक का होगा। बता दें कि मप्र में प्राथमिक शिक्षकों की संख्या करीब 1.40 लाख है। इसमें से 11 अगस्त 2023 के पूर्व नियुक्त बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षकों की संख्या करीब 400 है, जिन्हें ब्रिज कोर्स करना होगा।





