KFC-Pizza Hut चलाने वाली कंपनियों का होगा मर्जर, McDonald’s और Domino’s को मिलेगी टक्कर

नई दिल्ली: केएफसी और पिज्जा हट चलाने वाली कंपनी सफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड का देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड में मर्जर होने जा रहा है। देवयानी इंटरनेशनल भी देश में यही फास्ट-फ़ूड चेन चलाती है। दोनों कंपनियों ने गुरुवार को अलग-अलग शेयर बाजार को यह जानकारी दी। इन दोनों कंपनियों के मर्जर से देश में सबसे बड़ी क्विवक सर्विस रेस्टोरेंट कंपनी बनेगी। इस कंपनी के पास पूरे देश में 3,000 से ज्यादा आउटलेट होंगे।

दोनों कंपनियों का मर्जर ऐसे समय में हो रहा है जब भारत में फास्ट-फूड कंपनियों को बिक्री में कमी और मुनाफे पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। लोग बढ़ती महंगाई के कारण बाहर खाना-पीना और ऑनलाइन ऑर्डर करना कम कर रहे हैं। इस डील के तहत देवयानी इंटरनेशनल, सफायर फूड्स के हर 100 शेयरों के बदले 177 शेयर जारी करेगी। उम्मीद है कि दोनों कंपनियों के एक साथ काम करने से सालाना 210 करोड़ से 225 करोड़ रुपये का फायदा होगा।

3,000 से ज्यादा आउटलेट

इस डील का एक हिस्सा यह भी है कि देवयानी ग्रुप की कंपनी आर्कटिक इंटरनेशनल सफायर फूड्स के प्रमोटरों से लगभग 18.5 प्रतिशत शेयर खरीदेगी। इसके साथ ही, यह भी तय किया जा सकता है कि यह हिस्सेदारी किसी दूसरे निवेशक को दी जाए जिस पर दोनों पक्ष सहमत हों। इस विलय को पूरा करने के लिए कई तरह की सरकारी और कानूनी मंजूरी लेनी होगी। इनमें स्टॉक एक्सचेंज, CCI, एनसीएलटी और दोनों कंपनियों के शेयरधारकों और लेनदारों की मंजूरी शामिल है।

इन सभी मंजूरियों को मिलने में करीब 12 से 15 महीने लगने की उम्मीद है। इसके बाद ही यह विलय प्रभावी होगा। ये दोनों कंपनियां Yum Brands की पार्टनर हैं। ये भारत और विदेशों में 3,000 से ज्यादा आउटलेट चलाती हैं, जिनमें केएफसी और पिज्जा हट के डाइन-इन रेस्टोरेंट शामिल हैं। ये कंपनियां भारत में मैकडॉनल्ड्स और डोमिनोज पिज्जा चलाने वाली कंपनियों वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड और जुबिलेंट फूडवर्क्स से मुकाबला करती हैं।

क्या होगा फायदा?

कंपनी ने अपने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा है, "यह सौदा पूरा होने पर, देवयानी इंटरनेशनल भारत में सबसे बड़ी क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) ऑपरेटरों में से एक बन जाएगी। दोनों कंपनियों के संचालन को मिलाकर, यह नई कंपनी तेजी से विकास, व्यापक विस्तार और मुनाफे के अगले चरण के लिए तैयार होगी।" देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रवि जयपुरिया ने कहा, "देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड और सफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड का यह एकीकरण हमारे विकास की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इससे हमें केएफसी और पिज्जा हट ब्रांड्स के लिए पूरे भारतीय बाजार में फ्रेंचाइजी अधिकार मिलेंगे।"

सितंबर तिमाही में, सफायर का कुल खर्च पिछले साल की तुलना में 10% बढ़कर 768 करोड़ रुपये हो गया था। वहीं, देवयानी का खर्च 14.4% बढ़कर 1,408 करोड़ रुपये हो गया था। देवयानी ने सितंबर तिमाही में 21.9 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में उसे थोड़ा मुनाफा हुआ था। वहीं, सफायर का शुद्ध घाटा बढ़कर 12.77 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 3.04 करोड़ रुपये था।

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