दुबई में सस्ता नहीं रहा सोना, तेजी का बना दिया रेकॉर्ड

नई दिल्ली: दुबई में सोना खरीदना अब सस्ता नहीं रहा। साल 2025 में सोने की कीमत में सिर्फ भारत में ही, बल्कि दुबई में भी तेजी आई है। इसकी कीमत ने दुबई में भी रेकॉर्ड बना दिया। यह हाल के इतिहास में सोने की कीमत ों में आई सबसे बड़ी तेजी में से एक थी। साल 2025 की शुरुआत में सोने की कीमतें थोड़ी धीमी थीं, लेकिन फिर अचानक इनमें जबरदस्त उछाल आया। साल 2025 में 24 कैरेट सोने की कीमत हर ग्राम पर 200 दिरहम (करीब 4900 रुपये) से ज्यादा बढ़ गई।
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत 1 जनवरी 2025 को 318 दिरहम (करीब 8800 रुपये) प्रति ग्राम थी। साल के अंत तक यानी 31 दिसंबर 2025 को यह बढ़कर 520 दिरहम (करीब 12750 रुपये) प्रति ग्राम हो गई। यानी साल 2025 में इसमें करीब 63.52 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इस तेजी के साथ यह 1.27 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। 22 कैरेट सोने में भी जबरदस्त उछाल देखा गया। इसकी कीमत करीब 294.50 दिरहम से बढ़कर 481.50 दिरहम प्रति ग्राम हो गई। इसमें भी करीब 63.50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 21 कैरेट सोने की कीमत भी इसी दौरान करीब 176.75 दिरहम प्रति ग्राम बढ़ी।
14 कैरेट सोने का क्या हाल
24, 22 और 21 कैरेट के मुकाबले 14 कैरेट के सोने में बहुत ज्यादा तेजी नहीं आई। 14 कैरेट का सोना 29 नवंबर को यूएई में लॉन्च हुआ था। साल 2025 में इसकी कीमत में सिर्फ 2.3 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत में बहुत ज्यादा तेजी इसलिए नहीं आई क्योंकि यह हल्का होता है और आम लोग इसे रोजाना पहनने के लिए ज्यादा आसानी से खरीद सकते हैं।
सोने की कीमत में तेजी के कारण
- साल 2025 में कई आर्थिक वजहों ने मिलकर सोने की कीमतों को इतना बढ़ाया।
- दुनिया भर में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से निवेशक और केंद्रीय बैंक सोने को एक सुरक्षित निवेश मानने लगे। वे सोने में पैसा लगाने लगे ताकि बाजार में उथल-पुथल होने पर उनका पैसा सुरक्षित रहे।
- साल 2025 में सोने की कीमतों में आई तेजी 1970 के दशक के अंत के बाद सबसे ज्यादा थी। दुनिया भर में सोने की कीमतें लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ गईं।
अमेरिकी बैंक की भी भूमिका
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने हाल ही में ब्याज दरों में कमी की है। इससे भी सोने की कीमत में तेजी आई है। जब ब्याज दरें कम होती हैं तो सोने जैसी चीजें ज्यादा आकर्षक लगने लगती हैं। बॉन्ड और दूसरे वित्तीय साधनों की तुलना में सोने का आकर्षण बढ़ जाता है।





