478 आजीविका डबरी निर्माण से मिलेगा रोजगार, बढ़ेगी ग्रामीण आय

मोहला। जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ – चौकी  ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों की आय बढ़ाने तथा स्थायी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VBRLM-G) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए जिले में कुल 1050 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 478 डबरी का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। यह योजना विभिन्न विभागों के कन्वर्जेन्स से संचालित की जा रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे।

युक्तधारा के माध्यम से GIS आधारित प्लान एवं सैटेलाइट सर्वे के आधार पर आजीविका डबरी निर्माण के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। डबरी निर्माण से वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज तथा खेतों में आवश्यक सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे खरीफ एवं रबी दोनों फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। साथ ही, पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। खेती, पशुपालन एवं मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर पात्र हितग्राहियों का चयन कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। आजीविका डबरी ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन, रोजगार सृजन एवं आय संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। स्व-सहायता समूह की दीदियों के लिए यह योजना खेती-किसानी से जुड़े कार्यों एवं आजीविका सुरक्षा को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर द्वारा विकासखंड मोहला के ग्राम पंचायत मंचादूर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आजीविका डबरी निर्माण को शासन की महत्वपूर्ण योजना बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों को रोजगार के साथ-साथ आजीविका से जोड़ने का सशक्त माध्यम मिलेगा।

उन्होंने बताया कि जिले में 1050 आजीविका डबरी के निर्माण से बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे, ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी तथा जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने ग्रामीणों से जी-राम-जी योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक आजीविका डबरी निर्माण हेतु आगे आने का आग्रह किया।वर्षा पूर्व निर्माण पूर्ण करने के निर्देश ब्लाक मोहला के ग्राम पंचायत मंचादूर में निरीक्षण के दौरान डबरी निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को प्रोत्साहित किया गया तथा ग्राम पंचायत मंचादूर की सरंपच को विशेष चर्चा कर अतिशीघ्र पूर्ण करने हेतु कहा गया आजीविका से जौडने जैसे मछली पालन, बाड़ी विकास, कमल व ढेस उत्पादन, बकरी-गाय पालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया गया। साथ ही, वर्षा पूर्व डबरी निर्माण पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें सरपंच, पंच, जनपद सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने आजीविका डबरी को भविष्य में सिंचाई, मत्स्य पालन एवं कृषि आधारित आजीविका का प्रमुख साधन बताया।

मनरेगा के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरी न केवल रोजगार सृजन में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं स्थायी आजीविका के अवसर भी उपलब्ध कराएगी। ग्रामीणों एवं विशेषकर महिलाओं द्वारा इस पहल का व्यापक स्वागत किया गया।

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