अमेरिका को कड़ा जवाब देंगे, डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरान की दो-टूक, हम भी छोड़ेंगे नहीं

तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हमले की धमकियों पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकार ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ने उसकी जमीन पर हमला किया तो उसकी सेना भी मजबूती के साथ जवाबी कार्रवाई करेगी। ईरान का यह कड़ा बयान ऐसे समय आया है, जब देश में सरकार विरोधी प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गए हैं। इन प्रदर्शनों में अब तक 500 से ज्यादा मौत होने का दावा किया जा रहा है। ट्रंप इस विरोध को आजादी का आंदोलन बताकर समर्थन दे रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग होने की सूरत में ईरान पर हमले की धमकी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका मदद के लिए तैयार है क्योंकि ईरान आजादी की ओर देख रहा है। ईरान में प्रदर्शनकारियों पर सरकार की सख्ती और मौतों की संख्या बढ़ने से ईरान पर अमेरिका के सैन्य हमले का अंदेशा बढ़ गया है। बीबीसी ने बताया है कि कई शहरों में सैकड़ों लोगों के घायल होने और मौतों की बात सामने आई है।
इजरायल और अमेरिका को बनाएंगे निशाना
ईरान के संसद स्पीकर ने कड़े बयान में कहा है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो हम क्षेत्र में इजरायल और अमेरिका के सैन्य और शिपिंग केंद्र को टारगेट करेंगे। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई , ईरानी सेना और दूसरे नेताओं ने भी सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों से निपटने और तेहरान की सत्ता को बचाने की कसम खाई है।ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि सरकार प्रदर्शनकारियों की बात सुनने को तैयार है। हम लोगों की चिंताओं का समाधान चाहते हैं। यह हमारा कर्तव्य है लेकिन इससे भी बड़ा कर्तव्य यह है कि हम दंगाइयों को पूरे समाज को तबाह करने की अनुमति ना दें। हम पूरे देश में आग लगाने की अनुमति किसी को भी नहीं देने जा रहे हैं।
ईरान में इंटरनेट बंद
ईरान में खामेनेई सरकार को हटाने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के विरोध को 15 दिन हो गए हैं। यह विरोध तकरीबन पूरे देश में पहुंच चुका है। सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव और हिंसा में अब तक 500 से ज्यादा जानें गई हैं। मरने वालों में करीब 50 सुरक्षाकर्मी भी हैं, जो प्रदर्शनकारियों के हमले में मारे गए हैं।





