शत्रुघ्न सिन्हा से चुनाव में 2000 वोट से हारे थे राजेश खन्ना, लगी ऐसी मिर्च कि मरते दम तक नहीं किया माफ

दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार दिवंगत राजेश खन्ना के साथ अपनी दोस्ती के एक दर्दनाक दौर के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने के बाद सुपरस्टार ने उनसे कई सालों तक बात करना बंद कर दिया था। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक पुराने इंटरव्यू में शत्रुघ्न ने इस अनबन, गलतफहमी और राजेश खन्ना की मौत से पहले उनसे न मिल पाने के अफसोस के बारे में खुलकर बात की थी।
चुनाव में आमने-सामने थे शत्रुघ्न सिन्हा और राजेश खन्ना
शत्रुघ्न ने आगे कहा कि राजेश खन्ना चुनाव में मात्र 2,000-3,000 वोटों से हार गए थे और बाद में जब वह सीट खाली हुई तो उन्होंने फिर से चुनाव लड़ा – लेकिन इस बार भी उनके खिलाफ शत्रुघ्न ही खड़े थे।
दोस्ती पर भारी पड़ गई राजनीति
उनकी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती के बावजूद, राजनीति ने गहरे घाव छोड़े। शत्रुघ्न ने याद करते हुए कहा, ‘हम बहुत अच्छे दोस्त थे। चुनाव के बाद उन्होंने मुझसे बात करना बंद कर दिया। मैंने सुलह करने की कोशिश की। कुछ साल बाद मैंने उनसे माफी भी मांगी। कुछ साल बाद जब मैं अस्पताल में था, तब राजेश खन्ना भी अस्पताल में भर्ती थे। मैं अक्सर अपनी बेटी सोनाक्षी से कहता था कि जब मैं अस्पताल से छुट्टी पाकर घर आऊंगा, तो सीधे उनसे मिलने जाऊंगा।’
चल बसे राजेश खन्ना
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शत्रुघ्न ने बताया, ‘लेकिन मैं उनसे मिल नहीं पाया। एक दिन सोनाक्षी ने मुझे बताया कि राजेश खन्ना अंकल अब इस दुनिया में नहीं रहे। मैंने उनसे बहुत पहले ही माफी मांग ली थी।’
शत्रुघ्न सिन्हा और राजेश खन्ना की फिल्में
शत्रुघ्न सिन्हा और राजेश खन्ना ने कई फिल्मों में साथ काम किया, जिनमें मुकाबला (1979), दुश्मन दोस्त, नसीब (1981), दिल-ए-नादान (1982), मकसद (1984) और आज का एमएलए राम अवतार (1984) शामिल हैं। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, सिनेमा में उनका साथ हिंदी सिनेमा के इतिहास का एक अनमोल पन्ना बना हुआ है।





