BU में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए मिले थे 7.77 करोड़:6 साल बाद उसी जगह उतर रहे हेलिकॉप्टर

भोपाल, भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में खेल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग से करोड़ों रुपए की स्वीकृति ली गई, योजनाएं बनाई गईं और कागजों पर सब कुछ सुदृढ़ दिखाया गया। लेकिन जमीनी स्तर पर एक भी बड़ा काम पूरा नहीं हुआ। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए 7.77 करोड़ की स्वीकृति के बाद जहां एथलेटिक्स ट्रैक बनना था, वहां आज हेलीपैड हैं।
विभाग में खेल सुविधाएं लगभग न के बराबर हैं, इसके बावजूद करीब 420 छात्रों से हर साल फिजिकल उपकरणों के नाम पर दो लाख रुपए की अतिरिक्त वसूली की जा रही है। कई छात्रों ने विरोध किया, RTI डाली, ज्ञापन दिए, लेकिन अब तक न जवाब मिला, न काम हुआ।
साल 2020 में होना था काम शुरू दस्तावेज बताते हैं कि वर्ष 2019 में बीयू को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए 7.77 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली थी। योजना के तहत टेनिस कोर्ट, आउटडोर स्टेडियम, 400 मीटर घास का एथलेटिक्स ट्रैक, सिंथेटिक ट्रैक, स्विमिंग पूल और अन्य सुविधाएं विकसित की जानी थीं। वर्ष 2020 में इस प्रोजेक्ट की मार्किंग शुरू भी हुई और एथलेटिक्स ट्रैक बनाने के लिए खुदाई तक कर दी गई। लेकिन काम बीच में रोक दिया गया और उसी जमीन पर तीन हेलीपैड तैयार कर दिए गए। परिणाम यह हुआ कि जहां धावक दौड़ने वाले थे, वहां अब हेलीकॉप्टर उतरते हैं।
खेल विभाग नहीं मेंटेन कर सका मैदान बीयू के फिजिकल एजुकेशन विभाग की स्थिति सबसे चिंताजनक है। विभागीय प्रोस्पेक्टस में दावा किया गया है कि 60 एकड़ परिसर में विभिन्न खेलों की सुविधाएं हैं। फुटबॉल के तीन मैदान, क्रिकेट के चार मैदान, हैंडबॉल के मैदान, वॉलीबॉल-कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट सहित बैडमिंटन और हॉकी मैदान होने की बात लिखी है। लेकिन वास्तविकता यह है कि कई मैदान मौजूद नहीं हैं, जो हैं भी वे मेंटेन नहीं हैं। बैडमिंटन और हॉकी की सुविधाएं तो हैं ही नहीं, क्रिकेट के चार की जगह दो मैदान, फुटबॉल के दो मैदान ही मौजूद हैं।
420 छात्रों से हर साल वसूले जा रहे अतिरिक्त पैसे यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के अनुसार, खेल सुविधाएं न होने के बावजूद फिजिकल शिक्षा विभाग के लगभग 420 छात्रों से हर वर्ष फिजिकल इक्यूपमेंट के नाम पर दो लाख रुपए अतिरिक्त वसूल किए जाते हैं। छात्र कहते हैं कि मैदान तक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं मिलती, गतिविधियां बंद हैं और फिर भी पैसे लिए जा रहे हैं। स्टूडेंट अमन सिंह चौहान बताते हैं कि उन्होंने कई बार RTI लगाई, ज्ञापन दिए, लेकिन प्रबंधन ने जवाब देना तो दूर, RTI तक रिजेक्ट कर दी।
छात्रों में नाराजगी… जहां ट्रैक होना था वहां हेलिकॉप्टर उतर रहे पूर्व छात्र अमन चौहान का कहना है कि विश्वविद्यालय ने खेल सुविधाओं को सुधारने का वादा किया, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। “ना स्विमिंग पूल बना, ना सिंथेटिक ट्रैक, ना स्टेडियम। उल्टा जहां ट्रैक होना था वहां हेलिकॉप्टर उतर रहे हैं। या तो सुविधाएं विकसित की जाएं या फिर उनसे ली जा रही अतिरिक्त फीस रोकी जाए। फिलहाल खेल कॉम्प्लेक्स बनने की उम्मीद कागजों में है और मैदानों पर धूल उड़ रही है।
विभाग में स्टाफ भी कम फिजिकल एजुकेशन विभाग में महिला-पुरुष वर्ग मिलाकर 72 टीमें हैं, लेकिन इनके लिए सिर्फ तीन शिक्षक और तीन प्रशिक्षक नियुक्त हैं। विभाग में दो साल से शारीरिक शिक्षा संचालक का पद भी खाली पड़ा है। ऐसे में प्रशिक्षण, टूर्नामेंट और व्यावहारिक शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होना स्वाभाविक है।
प्रबंधन का जवाब- जल्द शुरू होगा काम यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की गई है। बजट स्वीकृत होते ही काम शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का जिम्मा संभालने वाले एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें हेलीपैड बनने की जानकारी नहीं थी, वे इसकी जांच करेंगे।





