फर्जी UPI रसीद से तीन साल तक धोखाधड़ी, किराया देने के नाम पर किराएदारों ने भेजे नकली स्क्रीनशॉट, लाखों की ठगी

भोपाल: बागसेवनिया थाना क्षेत्र में किराएदारों द्वारा बुजुर्ग महिला मकान मालकिन से ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि किराएदार मां-बेटे ने तीन वर्षों तक फर्जी यूपीआई भुगतान रसीद भेजकर कुल 3 लाख 58 हजार रुपये की ठगी की।
हर माह भेजे जाते थे फर्जी स्क्रीनशॉट
पुलिस के अनुसार फरियादी रेणु खंडेलवाल (64), निवासी आनंद नगर, नर्मदापुरम ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र मयंक खंडेलवाल का एक डुप्लेक्स मकान पेबल कॉलोनी, कटारा क्षेत्र में स्थित है, जिसे भावना आहूजा और उनका पुत्र शुभांक आहूजा मई 2021 से किराए पर लेकर रह रहे थे।
जनवरी 2023 तक नियमित था भुगतान
फरियादी के अनुसार जनवरी 2023 तक किराया नियमित रूप से उनके बैंक खाते में जमा होता रहा। 18 जनवरी 2023 को अंतिम बार 10 हजार 595 रुपये यूपीआई के माध्यम से खाते में प्राप्त हुए। इसके बाद आरोपितों ने किराया भुगतान के नाम पर हर माह यूपीआई ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप पर भेजना शुरू कर दिया।
बैंक स्टेटमेंट से हुआ खुलासा
जून 2025 में जब कथित भुगतान के बावजूद खाते में राशि जमा नहीं हुई, तो फरियादी ने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया। जांच में पता चला कि फरवरी 2023 से जून 2025 तक भेजे गए सभी यूपीआई स्क्रीनशॉट फर्जी थे।
एक ही ट्रांजेक्शन आईडी का बार-बार इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया कि सभी स्क्रीनशॉट में एक ही ट्रांजेक्शन आईडी को अलग-अलग तारीखों में दर्शाया गया था। पुलिस ने किरायानामा, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी की पुष्टि की है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
बागसेवनिया पुलिस ने आरोपित भावना आहूजा और शुभांक आहूजा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।





