गुरुवार को रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में होगी बारिश, रात के तापमान में गिरावट से बढ़ी ठंड

भोपाल। अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के अधिकतर जिलों में तेज हवाएं चलीं और वर्षा हुई। इस दौरान 19 जिलों में ओले भी गिरे। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक गुरुवार को जबलपुर, शहडोल व रीवा संभाग में वर्षा होने के आसार हैं। वहीं प्रदेश के अधिकतर जिलों में कोहरा छाने की संभावना है। अब रात के तापमान में गिरावट से ठंड का असर बढ़ गया है।
उधर, मावठा की पहली वर्षा से रबी फसलों को फायदा हुआ, लेकिन कुछ स्थानों पर तेज हवाओं से गेहूं की फसल खेत में आड़ी हो जाने से नुकसान भी हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक ग्वालियर में 63.6, गुना में 27.8, शिवपुरी में 23, सागर में 22.6, दतिया में 18, रायसेन में 10.2, खंडवा में नौ, खजुराहो में 8.2, टीकमगढ़ एवं श्योपुर में पांच, नौगांव एवं नर्मदापुरम में 4.2, दमोह में चार, रीवा में 3.1, रतलाम में तीन, सतना में 2.9, भोपाल में दो मिलीमीटर वर्षा हुई। इस दौरान सबसे तेज श्योपुर में 83 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा भी चली।
इन जिलों में हुई ओलावृष्टि
भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, शाजापुर, खरगोन, सीहोर, रायसेन, मंदसौर, बुरहानपुर, देवास, विदिशा, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, मैहर एवं उमरिया जिले में ओलावृष्टि हुई।
ये मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय
वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। एक द्रोणिका भी संबद्ध है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर आंतरिक कर्नाटक तक भी एक द्रोणिका बनी हुई है। उत्तर भारत पर 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। 30 जनवरी की रात से नए पश्चिमी विक्षोभ द्वारा उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि गुरुवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा हो सकती है। हालांकि अभी कोहरा बना रहेगा। साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट होने लगेगी।





