अमेरिका से 500 अरब की खरीद करेगा भारत, रूस से तेल लेना बंद, डोनाल्ड ट्रंप की प्रवक्ता ने किया बड़ा दावा

वॉशिंगटन: अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ ट्रेड डील को अपने हित में बताते हुए दावा किया है कि दिल्ली से उनको बहुत कुछ मिलने जा रहा है। वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका से एनर्जी, ट्रांसपोर्टेशन और खेती प्रोडक्ट की 500 अरब डॉलर की खरीद का वादा किया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी डील है, जिससे अमेरिकी वर्कर्स, बिजनेस और कंज्यूमर्स को फायदा होगा।

ट्रेड डील में भारत के रूस से तेल खरीद रोकने पर वाइट हाउस की प्रवक्ता ने दावा किया है कि भारत ने रूस से तेल खरीद बंद कर दी है। उन्होंने कहा, ‘भारत ने रूसी तेल ना खरीदने का वादा किया है। इतना ही नहीं भारत ने अमेरिका से तेल खरीदने का भरोसा भी दिया है। साथ ही पीएम मोदी ने अमेरिका में 500 अरब के निवेश का वादा किया है।’

मोदी-ट्रंप की कॉल के बाद समझौता

लेविट ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका का यह समझौता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सीधी फोन कॉल के बाद हुआ है। लेविट ने इस डील को अमेरिकी आर्थिक हितों को मजबूत करने और भारत की रूसी एनर्जी सप्लाई पर निर्भरता कम करने की बड़ी कोशिश का हिस्सा बताया है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा खुद डोनाल्ड ट्रंप की ओर से की गई है। सोमवार रात को डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ 50 से 18 फीसदी करने का ऐलान किया। हालांकि इसके साथ ही अमेरिका की ओर से कई ऐसे दावे किए जा रहे हैं, जो भारत के पक्ष से मेल नहीं खाते हैं। इसमें खासतौर से अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद और रूसी तेल खरीद का मुद्दा है।

डील की कई चीजें अभी साफ नहीं

अमेरिका और भारत की डील में कई चीजें, खासतौर से अमेरिका के दावे गफलत पैदा कर रहे हैं। भारत के विदेश से व्यापार के लिहाज से अमेरिका से 500 अरब की खरीद फिलहाल संभव नहीं लगती है। अमेरिकी सरकार अपने कृषि उत्पादों को भारत में बेचन का जिक्र कर रही है। वहीं भारत के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर के हित से समझौता नहीं होगा।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत की रूस से तेल खरीद रोकने के दावे पर मॉस्को से ही बयान आ गया है। ट्रंप के दावे के उलट क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि रूस को भारत की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि भारत से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि वह रूसी तेल की खरीद बंद करने की योजना बना रहा है।

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