प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना ने बदला अशोक का जीवन

कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना ने कोरबा जिले के अशोक कुमार अगरिया के जीवन में नई दिशा और नया आत्मविश्वास भर दिया है। वर्षों से राजमिस्त्री कार्य करते आ रहे अशोक कुमार अपने पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर आगे बढ़ना चाहते थे, किंतु उपयुक्त प्रशिक्षण और संसाधनों की कमी उनके मार्ग में बड़ी बाधा थी।
लाइवलीहुड कॉलेज कोरबा में ब्रिक मेशन बेसिक ट्रेड का प्रशिक्षण उनके लिए परिवर्तन का बड़ा अवसर बनकर आया। यहां उन्होंने नवीनतम इलेक्ट्रॉनिक औजारों का उपयोग, निर्माण कार्य की आधुनिक तकनीकें, दक्षता बढ़ाने के तरीके, गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उपाय और समय की बचत के नए कौशल सीखे। इन तकनीकों ने उनके काम को न सिर्फ मजबूत और सटीक बनाया, बल्कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में उन्हें नई पहचान भी दिलाई।
प्रशिक्षण के दौरान शासन द्वारा प्रदान किए गए एक सप्ताह के प्रशिक्षण पर चार हजार रुपये के स्टाइपेंड ने उन्हें आर्थिक संबल दिया। वहीं बिना गारंटर एक लाख रुपये तक का लोन उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं था। इस सहायता से उन्होंने अपने व्यवसाय के लिए आवश्यक आधुनिक उपकरण खरीदे और अपने काम का दायरा बढ़ाया।
आज अशोक कुमार अगरिया अपने कौशल, आधुनिक ज्ञान और सरकारी सहयोग की बदौलत आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहे हैं। उनकी लगन और मेहनत ने उनके पारंपरिक व्यवसाय को नया आयाम दिया है। वे न केवल अपने परिवार का बेहतर जीवनयापन कर रहे हैं, बल्कि जिले के युवा कारीगरों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन चुके हैं।





