केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज जगदलपुर जाएंगे:बस्तर पंडुम के समापन समारोह में होंगे शामिल

जगदलपुर, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज (9 फरवरी) को एक दिवसीय बस्तर दौरे पर रहेंगे। वे 11.45 बजे रायपुर से जगदलपुर रवाना होंगे। यहां लाल बाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय कार्यक्रम के समापन समारोह में शामिल होंगे। यहां वे दोपहर 2 बजे तक रहेंगे। इस दौरान शाह सरेंडर नक्सलियों से भी मुलाकात कर सकते हैं।

इससे पहले रविवार को गृहमंत्री शाह ने नक्सलवाद पर रायपुर में हाईलेवल मीटिंग ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब माओवाद से 90 प्रतिशत क्षेत्र मुक्त हो चुका है और उन्होंने दोहराया कि 31 मार्च से पहले माओवाद को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।

शाह ने नक्सलियों से हथियार छोड़ने की अपील भी की और कहा कि सरकार एक भी गोली चलाना नहीं चाहती। जो आत्मसमर्पण करेंगे, सरकार उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेगी। पिछले करीब डेढ़ महीने के अंदर अमित शाह का ये दूसरा बस्तर दौरा है। इससे पहले वे बस्तर ओलिंपिक में शामिल होने बस्तर आए थे।

एक ही मंच में बस्तर की संस्कृति और परंपरा

बस्तर पंडुम के समापन समारोह में संभाग के कई जिलों से आए जनजातीय कलाकार अपनी लोकसंस्कृति, पारंपरिक नृत्य और वाद्य यंत्रों के माध्यम से बस्तर की पहचान को मंच पर प्रस्तुत करेंगे। स्कूली छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का खास आकर्षण रहेंगी।

अमित शाह बोले- कम्युनिस्ट विचारधारा विनाशकारी

इससे पहले रविवार को रायपुर के मेफेयर होटल में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर हाईलेवल समीक्षा बैठक ली थी। पहले सत्र में इंटेलिजेंस इनपुट्स, नक्सलविरोधी अभियानों, इंफ्रास्ट्रक्चर और आत्मसमर्पण नीति की प्रगति पर चर्चा हुई।

शाह ने कहा कि 31 मार्च से पहले नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य तय है। उन्होंने कम्युनिस्ट विचारधारा को विनाशकारी बताते हुए कहा कि माओवादी समस्या न तो विकास की कमी है और न ही केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा, बल्कि यह विचारधारा से जुड़ी चुनौती है। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, CRPF और कई राज्यों के डीजीपी शामिल हुए थे।

बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनेगा- शाह

गृह मंत्री ने कहा कि माओवादियों ने गरीब आदिवासी युवाओं के हाथों में हथियार थमाए और तिरुपति से पशुपतिनाथ तक ‘रेड कॉरिडोर’ का नारा दिया। उन्होंने कहा, “साढ़े चार दशकों तक उन्होंने इस पूरे क्षेत्र में विकास को रोके रखा।”

शाह ने आगे कहा मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि अगर बस्तर माओवादी समस्या से प्रभावित नहीं होता, तो आज यह देश का सबसे विकसित जिला होता। आने वाले 10 वर्षों में बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनेगा।

माओवाद से 90 प्रतिशत क्षेत्र मुक्त

गृहमंत्री ने कहा कि अब माओवाद से 90 प्रतिशत क्षेत्र मुक्त हो चुका है और उन्होंने दोहराया कि 31 मार्च से पहले माओवादी समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा। हालांकि, उन्होंने माओवादियों से हथियार छोड़ने की अपील भी की और कहा कि सरकार एक भी गोली चलाना नहीं चाहती। जो माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे, सरकार उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेगी।

नक्सली खात्मे की डेडलाइन को 51 दिन बाकी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति से जुड़े अहम दौर की शुरुआत हो रही है। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन अब नजदीक आ चुकी है।

इस समयसीमा का ऐलान खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं। इस डेडलाइन में अब करीब 51 दिन का ही समय बाकी है।

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